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Greater Noida e library: ग्रेटर नोएडा के 13 गांवों में शुरू हुआ ई-पुस्तकालय निर्माण कार्य, प्रतियोगी छात्रों को मिलेगा बड़ा लाभ

Greater Noida e library: ग्रेटर नोएडा के 13 गांवों में शुरू हुआ ई-पुस्तकालय निर्माण कार्य, प्रतियोगी छात्रों को मिलेगा बड़ा लाभ

ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के गांवों में शिक्षा और डिजिटल सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए प्राधिकरण ने बड़ी पहल शुरू की है। सलेमपुर गुर्जर, घंघोला, नवादा समेत 13 गांवों में इस वर्ष के अंत तक ई-पुस्तकालय की सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए पुराने पंचायत भवनों की मरम्मत और नए भवनों के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में चरणबद्ध तरीके से अन्य गांवों में भी ई-पुस्तकालय खोले जाएंगे।

प्राधिकरण के अनुसार वर्क सर्किल-8 के अंतर्गत आने वाले गांवों में ई-पुस्तकालय योजना पर तेजी से काम चल रहा है। जिन गांवों में पहले से पंचायत भवन बने हुए हैं, वहां उनकी मरम्मत और आधुनिकीकरण किया जा रहा है। सलेमपुर गुर्जर, नवादा, पंचायतन और देवटा समेत नौ गांवों में पुराने पंचायत भवनों को ई-पुस्तकालय में बदला जा रहा है। वहीं हतेवा, घंघोला, बिसायच और अन्य गांवों में नए भवनों का निर्माण किया जा रहा है।

दरअसल ग्रेटर नोएडा के अधिसूचित क्षेत्र में पंचायत चुनाव व्यवस्था समाप्त होने के बाद गांवों के पंचायत भवन लंबे समय से खाली पड़े थे। रखरखाव न होने के कारण ये भवन जर्जर होने लगे थे। ऐसे में प्राधिकरण ने इन भवनों का उपयोग शिक्षा और पढ़ाई के लिए करने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों की ओर से भी लंबे समय से पुस्तकालय खोलने की मांग की जा रही थी।

अधिकारियों का कहना है कि ई-पुस्तकालय बनने से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को काफी फायदा मिलेगा। गांवों में शांत और बेहतर पढ़ाई का माहौल उपलब्ध होगा, जिससे छात्र-छात्राएं बिना शहर गए अपनी तैयारी कर सकेंगे। ई-पुस्तकालय में फर्नीचर, बैठने की व्यवस्था, डिजिटल सुविधाएं और पढ़ाई से संबंधित जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही छात्रों और ग्रामीणों की सुविधा के लिए शौचालय का निर्माण भी कराया जाएगा।

वरिष्ठ प्रबंधक नागेंद्र सिंह ने बताया कि क्षेत्र के लोगों की मांग को देखते हुए यह परियोजना शुरू की गई है। कुछ गांवों में पहले से ही आपसी सहयोग से पुस्तकालय चलाए जा रहे हैं, जिन्हें अब आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में हर गांव की जरूरत के अनुसार ई-पुस्तकालय स्थापित किए जाएंगे।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी ने बताया कि खाली पड़े पंचायत भवनों का उपयोग शिक्षा और डिजिटल सुविधाओं के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना से विशेष रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को लाभ मिलेगा और गांवों में शिक्षा का माहौल मजबूत होगा।

प्राधिकरण ने कार्यदायी संस्था को तय समय के भीतर निर्माण और मरम्मत कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। लक्ष्य है कि इस साल के अंत तक सभी चयनित गांवों में ई-पुस्तकालय शुरू कर दिए जाएं।

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