Greater Noida Waste to Energy Project: अस्तौली में जैविक कचरे से बनेगी बायो गैस, 300 TPD प्लांट की तैयारी शुर

Greater Noida Waste to Energy Project:अस्तौली में जैविक कचरे से बनेगी बायो गैस, 300 TPD प्लांट की तैयारी शुरू
नोएडा/ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा में अब जैविक कचरे (बायोडिग्रेडेबल वेस्ट) को आधुनिक तकनीक की मदद से निस्तारित कर बायो गैस और ऊर्जा में बदलने की बड़ी योजना पर काम शुरू हो गया है। इसके लिए अस्तौली स्थित कूड़ा निस्तारण केंद्र परिसर में अत्याधुनिक संयंत्र लगाने की तैयारी की जा रही है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस परियोजना के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी कर दिया है और कंपनियों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। अधिकारियों के अनुसार इस संयंत्र की क्षमता 300 टन प्रतिदिन (TPD) होगी। आवेदन करने की अंतिम तिथि 5 मई तय की गई है।
यह पूरा प्रोजेक्ट डीबीओटी (Design, Build, Operate and Transfer) मॉडल पर विकसित किया जाएगा, जिसके तहत चयनित कंपनी अगले 25 वर्षों तक संयंत्र का संचालन और रखरखाव करेगी। इस दौरान होने वाली आय में प्राधिकरण की भी हिस्सेदारी तय होगी।
योजना के अनुसार, ग्रेटर नोएडा और नोएडा क्षेत्र से निकलने वाले गीले और सूखे दोनों प्रकार के कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाएगा। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण होगा बल्कि कचरे को ऊर्जा और उपयोगी संसाधनों में भी बदला जाएगा।
इससे पहले भी स्वच्छता और वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर कई कदम उठाए जा चुके हैं। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के जलपुरा गोशाला में गोबर और अन्य जैविक अपशिष्ट से बायो गैस बनाने के लिए संयंत्र का शिलान्यास किया जा चुका है।
अस्तौली क्षेत्र में लगभग 250 एकड़ में आधुनिक सेनेटरी लैंडफिल साइट विकसित की जा रही है, जहां नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कचरे को उसी दिन प्रोसेस करने की योजना है। इस परियोजना के तहत रिलायंस और एनटीपीसी सहित तीन कंपनियां पहले ही अपने संयंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी हैं।
एनटीपीसी का 900 TPD क्षमता वाला अत्याधुनिक कूड़ा निस्तारण संयंत्र भी जुलाई में शुरू होने की संभावना है, जिसमें मिश्रित कचरे से “हरा कोयला” तैयार कर बिजली उत्पादन में उपयोग किया जाएगा।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का लक्ष्य शहर को स्वच्छता रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर पहुंचाना है। इसके लिए सभी प्रकार के कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यापक योजना तैयार की गई है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी ने कहा कि जैविक कचरे के निस्तारण के लिए 300 टन प्रतिदिन क्षमता का बायो गैस संयंत्र स्थापित किया जाएगा और इसके लिए योग्य कंपनी की तलाश जारी है।





