
New delhi : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भीषण गर्मी और हीट वेव से निपटने की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि गर्मी से बचाव के लिए समयबद्ध और ठोस इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। सरकार ने वर्ष 2030 तक हीट वेव से होने वाली मृत्यु को शून्य तक लाने का लक्ष्य तय किया है।
दिल्ली सचिवालय में आयोजित बैठक में मुख्य सचिव राजीव वर्मा और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान अस्पतालों में हीट वेव से प्रभावित मरीजों के लिए पर्याप्त बेड उपलब्ध कराने, एम्बुलेंस में जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने और शहरभर में जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। स्कूलों में ‘वॉटर बेल’ सिस्टम लागू करने पर भी जोर दिया गया, ताकि बच्चों को नियमित रूप से पानी पीने के लिए प्रेरित किया जा सके।
सरकार ने अस्पतालों, स्कूलों, निर्माण स्थलों, अटल कैंटीन, पुलिस थानों, पोस्ट ऑफिस और डीटीसी बस स्टैंडों पर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर स्कूलों में ओआरएस पैकेट्स का वितरण भी किया जाएगा। इसके अलावा शहर में टैंकर, वॉटर कूलर और वाटर एटीएम की व्यवस्था को सुचारू रखने के निर्देश दिए गए हैं। पशु-पक्षियों के लिए भी पानी और छाया की व्यवस्था करने पर जोर दिया गया है।
हीट एक्शन प्लान 2026 को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के माध्यम से विभिन्न विभागों और 17 से अधिक सहयोगी संस्थाओं के साथ मिलकर लागू किया जा रहा है। पिछले वर्षों में लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए इस योजना को तैयार किया गया है। वर्ष 2025 में तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था और पिछले कुछ वर्षों में करीब 40 दिनों तक तापमान 40 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया।
भारतीय मौसम विभाग की रंग-कोडित चेतावनी प्रणाली के तहत ग्रीन, येलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किए जा रहे हैं, जिससे तापमान की निगरानी और समय रहते सूचना प्रसारित की जा सके। स्वास्थ्य तैयारियों के तहत 339 से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों को ओआरएस और आइस पैक जैसी सुविधाओं से लैस किया गया है, जबकि 30 से अधिक अस्पतालों में ‘कूल रूम’ बनाए गए हैं। इसके अलावा 174 चिकित्सा कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है और 330 एम्बुलेंस को तैयार रखा गया है।
जन सुविधाओं के तहत शहर में कूलिंग पॉइंट, छायादार शेल्टर और पेयजल की व्यापक व्यवस्था की जा रही है। दिल्ली पुलिस द्वारा हजारों एयर कूलर और वाटर कूलर लगाए गए हैं, जबकि ट्रैफिक पुलिस द्वारा ओआरएस पैकेट्स का वितरण किया जा रहा है।
निर्माण कार्यों और अन्य बाहरी कामों में लगे श्रमिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्य समय में बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं, खासकर दोपहर के समय काम से बचाव सुनिश्चित करने को कहा गया है। श्रमिकों के लिए कार्यस्थलों पर छाया, विश्राम, पेयजल और ओआरएस की उपलब्धता अनिवार्य की गई है। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ योजना को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को भीषण गर्मी के प्रभाव से सुरक्षित रखा जा सके।




