Yamuna Hindon Water Level: बारिश के बीच यमुना और हिंडन के आसपास सुरक्षा बढ़ी, छह बाढ़ चौकियां अलर्ट; खतरे के निशान से नीचे दोनों नदियां
नोएडा। लगातार हो रही बारिश और बैराज से धीरे-धीरे छोड़े जा रहे पानी को देखते हुए जिला प्रशासन ने यमुना और हिंडन नदी के आसपास सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी है। दोनों नदियों के डूब क्षेत्र में विशेष चौकसी बरती जा रही है और बाढ़ चौकियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल यमुना और हिंडन दोनों का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है। प्रशासन का दावा है कि वर्तमान स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और दोनों नदियों के जलस्तर की प्रतिदिन निगरानी की जा रही है।
बुधवार को यमुना नदी का जलस्तर 195.45 मीटर दर्ज किया गया, जबकि नदी के लिए खतरे का निशान 200.600 मीटर है। इस लिहाज से यमुना का पानी अभी खतरे के स्तर से काफी नीचे बना हुआ है।
वर्तमान में यमुना नदी में करीब 11,029 क्यूसेक पानी बह रहा है। लगातार बारिश और बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण प्रशासन नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर नजर बनाए हुए है।
हिंडन नदी का जलस्तर भी बुधवार को करीब 200 मीटर दर्ज किया गया। हिंडन में खतरे का निशान 205.08 मीटर है। इस तरह हिंडन का जलस्तर भी फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है।
बुधवार को हिंडन नदी में करीब 4,847 क्यूसेक पानी बह रहा था। पिछले दिनों की तुलना में नदी के जलस्तर में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन सतर्कता बरत रहा है।
नोएडा और आसपास के कई इलाकों में बुधवार को भी तेज बारिश हुई। इसके साथ ही बैराज से नदियों में धीरे-धीरे पानी छोड़ा जा रहा है। बारिश जारी रहने की स्थिति में नदियों का जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने पहले से तैयारियां तेज कर दी हैं।
डूब क्षेत्र में बनाई गई बाढ़ चौकियों को विशेष रूप से अलर्ट रहने के आदेश दिए गए हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को जलस्तर में होने वाले बदलाव पर लगातार नजर रखने के साथ किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
सदर तहसील क्षेत्र के डूब क्षेत्र में करीब छह बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। इन चौकियों के माध्यम से यमुना और हिंडन के आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारी डूब क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर रहे हैं। स्थानीय लोगों को नदियों के मौजूदा जलस्तर और संभावित स्थिति के बारे में जानकारी दी जा रही है, ताकि अचानक जलस्तर बढ़ने की स्थिति में लोगों को समय रहते सतर्क किया जा सके।
पिछले दिनों हिंडन नदी का पानी आबादी के काफी नजदीक पहुंच गया था। इससे नदी के आसपास रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई थी। अब भी कुछ गांवों में पानी गलियों तक पहुंचा हुआ है।
हालांकि जिला प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे होने के कारण वर्तमान में गंभीर बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है।
इसके बावजूद प्रशासन किसी तरह की लापरवाही नहीं बरत रहा है। अधिकारियों की ओर से प्रतिदिन यमुना और हिंडन के जलस्तर की निगरानी की जा रही है और परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है।
डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों को भी लगातार जागरूक किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से मुनादी कराकर लोगों को नदियों के जलस्तर की जानकारी दी जा रही है।
लोगों से नदी के जलस्तर में अचानक बदलाव होने की स्थिति में सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा जा रहा है। विशेष रूप से निचले और डूब क्षेत्र में रहने वाले लोगों पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।
लगातार बारिश के कारण आने वाले दिनों में नदियों में पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए बाढ़ चौकियों और संबंधित विभागों को सतर्क रखा गया है। प्रशासन का प्रयास है कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएं और आबादी वाले क्षेत्रों में हालात बिगड़ने से रोके जा सकें।


