दिल्ली

Vivek Vihar Fire Tragedy: 9 की मौत के बाद GTB अस्पताल में ‘कोड रेड’, रातभर चला राहत और इलाज अभियान

Vivek Vihar Fire Tragedy: 9 की मौत के बाद GTB अस्पताल में ‘कोड रेड’, रातभर चला राहत और इलाज अभियान

पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में हुए भीषण अग्निकांड के बाद हालात की गंभीरता को देखते हुए Guru Teg Bahadur Hospital ने तत्काल अपना डिजास्टर मैनेजमेंट प्रोटोकॉल ‘कोड रेड’ लागू कर दिया। इस दर्दनाक घटना में 9 लोगों की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रखा और पूरी रात राहत व इलाज का अभियान जारी रखा।

अस्पताल में संभावित घायलों और पीड़ितों की संख्या को ध्यान में रखते हुए क्लीनिकल और प्रशासनिक दोनों स्तर पर त्वरित कार्रवाई की गई। वरिष्ठ डॉक्टरों और अधिकारियों को तुरंत सक्रिय किया गया, ताकि किसी भी मरीज को इलाज में देरी न हो और हर जरूरी सुविधा समय पर उपलब्ध कराई जा सके।

जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 5 बजे तीन झुलसे हुए मरीज अस्पताल पहुंचे। इनमें से एक की हालत गंभीर होने के कारण उसे भर्ती कर इलाज शुरू किया गया, जबकि दो अन्य को प्राथमिक उपचार देने के बाद इमरजेंसी से ही छुट्टी दे दी गई। भर्ती मरीज को शुरुआती उपचार के बाद उसकी इच्छा पर Safdarjung Hospital रेफर किया गया, जहां उसे एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस के जरिए डॉक्टरों की निगरानी में सुरक्षित पहुंचाया गया।

अस्पताल की पूरी व्यवस्था मेडिकल डायरेक्टर Dr Vinod Kumar की प्रत्यक्ष निगरानी में संचालित रही। अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक Dr Praveen Kumar के अनुसार, चीफ कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर, वरिष्ठ चिकित्सकों और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम लगातार मौके पर तैनात रही, जिससे राहत और उपचार की प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के जारी रही।

इस भीषण हादसे में जान गंवाने वाले सभी 9 लोगों के शव अस्पताल लाए गए, जहां उनका पोस्टमार्टम पूरा कर लिया गया। इसके बाद शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया। पूरे घटनाक्रम के दौरान अस्पताल में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य किया गया, ताकि पीड़ित परिवारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

घटना की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्र के जनप्रतिनिधि Harsh Malhotra और Sanjay Goyal भी अस्पताल पहुंचे और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।

यह पूरा घटनाक्रम न केवल एक दर्दनाक त्रासदी को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि आपात स्थिति में स्वास्थ्य तंत्र किस तरह सक्रिय होकर हालात को संभालने का प्रयास करता है। हालांकि इस हादसे ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्थाओं और आग से बचाव के इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

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