राज्यउत्तर प्रदेशराज्य

Uttar Pradesh : मिशन कर्मयोगी ‘साधना सप्ताह’ में उत्तर प्रदेश को देश में मिला दूसरा स्थान

Lucknow News : उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन ट्रेनिंग (आईगोट) कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर देश के कुल शिक्षण में लगभग 40 प्रतिशत का योगदान सुनिश्चित किया गया। इस दौरान 14.25 लाख कर्मियों द्वारा 1.25 करोड़ से अधिक शिक्षण घंटे पूर्ण कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह उपलब्धि राज्य के कार्मिकों की सक्रिय सहभागिता, उच्च स्तर की प्रतिबद्धता, अनुशासन और सतत अधिगम (लगातार सीखना) के प्रति उनके सकारात्मक दृष्टिकोण का प्रतिफल है।

मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह (2 से 10 अप्रैल) के दौरान उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों ने अपनी कार्यक्षमता, कार्यक्षेत्र एवं व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन हासिल किया है। उत्तर प्रदेश ने ‘ओवरऑल बेस्ट परफॉर्मेंस’ श्रेणी में देश के राज्यों के बीच दूसरा स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि योगी सरकार की दूरदर्शी नीतियों, प्रभावी क्रियान्वयन तंत्र, कार्मिकों की टीम भावना और समन्वित प्रयासों का प्रत्यक्ष प्रमाण है। ‘साधना सप्ताह’ के दौरान राज्य के 11.3 लाख से अधिक कर्मचारियों द्वारा न्यूनतम 4 घंटे का प्रशिक्षण पूरा किया गया। यह शासन प्रणाली में गुणात्मक सुधार की दिशा में एक सशक्त संकेत है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने दी बधाई
सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस उपलब्धि पर प्रदेश के सभी अधिकारी-कर्मचारी, संबंधित विभागों और नोडल संस्था ‘उपाम’ की टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से इस अभियान के सफल संचालन में विभागीय स्तर पर किए गए समन्वय, निगरानी एवं प्रोत्साहनात्मक प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जो प्रशंसा के योग्य है।

साधना सप्ताह के प्रमुख उद्देश्य
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से आयोजित ‘साधना सप्ताह’ के दौरान उत्तर प्रदेश द्वारा ज्ञानार्जन एवं क्षमता-विकास के इस महत्त्वपूर्ण अभियान में गौरवपूर्ण उपलब्धि अर्जित की गई है। इसके तीन मुख्य उद्देश्य हैं।

1. तकनीकी रूप से सुदृढ़ एवं सक्षम होना।
2. हमारी समृद्ध परंपराओं एवं सांस्कृतिक मूल्यों की सम्यक समझ विकसित करना।
3. नागरिक को शासन-प्रक्रिया के केंद्र में रखते हुए ठोस, प्रभावी एवं मापनीय परिणाम प्राप्त करना। भारत को वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने की परिकल्पना को सुदृढ़ आधार प्रदान करते हैं।

Related Articles

Back to top button