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Noida Land Scam Case: मिट्टी चोरी मामले में पूर्व डीएम समेत कई अधिकारी तलब, कोर्ट ने 16 अप्रैल 2026 को पेश होने का आदेश दिया

Noida Land Scam Case: मिट्टी चोरी मामले में पूर्व डीएम समेत कई अधिकारी तलब, कोर्ट ने 16 अप्रैल 2026 को पेश होने का आदेश दिया

नोएडा में मिट्टी चोरी और भूमि क्षति के गंभीर मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट धर्मेंद्र सिंह, पूर्व जिला खनन अधिकारी उत्कर्ष त्रिपाठी और निर्मल सिंह समेत कई अधिकारियों को अदालत में तलब किया है। सभी अधिकारियों को 16 अप्रैल 2026 को कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।

यह मामला बोड़ाकी गांव निवासी अधिवक्ता बलराज भाटी की याचिका से जुड़ा हुआ है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि सरकारी परियोजना के नाम पर उनकी जमीन से अवैध रूप से भारी मात्रा में मिट्टी उठाई गई, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ।

आरोप के अनुसार, चमरावली रामगढ़ स्थित उनके खेत से करीब 20 लाख रुपये मूल्य की मिट्टी निकाली गई और उसका उपयोग न्यू बोड़ाकी रेलवे जंक्शन के निर्माण कार्य में किया गया, वह भी बिना उनकी अनुमति के।

अधिवक्ता का कहना है कि उनके परिवार की कुल 40 बीघा जमीन में से वर्ष 2021 में 25 बीघा भूमि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना के लिए अधिग्रहीत की गई थी। इसके बाद बची हुई 15 बीघा जमीन तक पहुंचना मुश्किल हो गया, क्योंकि रेलवे द्वारा बनाई गई बाउंड्री वॉल ने रास्ता बंद कर दिया।

आरोप है कि रेलवे परिसर की दीवार में गेट खोलकर रैंप बनाया गया और उसी रास्ते से भारी मात्रा में मिट्टी निकाली गई, जिससे खेत में लगभग 12 फीट गहरा गड्ढा बन गया और जमीन खेती योग्य नहीं रही।

इस मामले में पुलिस आयुक्त गौतमबुद्धनगर की जांच रिपोर्ट में भी यह पाया गया कि खेत में गेट खोलकर रैंप बनाया गया था और मिट्टी निकाले जाने के साक्ष्य मौजूद हैं। हालांकि, पहले यह मामला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत द्वारा खारिज कर दिया गया था, जिसके बाद पीड़ित ने जिला न्यायाधीश के समक्ष अपील दायर की।

सुनवाई के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश ने कहा कि कई संबंधित अधिकारी समन के बावजूद अदालत में उपस्थित नहीं हुए हैं। जबकि रेलवे बोर्ड की चेयरमैन जया वर्मा और डीएफसीसी के अधिकारी पहले ही पेश हो चुके हैं।

अदालत ने सभी गैर-हाजिर अधिकारियों को अंतिम मौका देते हुए 16 अप्रैल को पेश होने का निर्देश दिया है और चेतावनी दी है कि अनुपस्थित रहने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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