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Himachal Pradesh: हिमाचल में कारोबार को मिलेगा नया बढ़ावा, सभी सरकारी सेवाएं होंगी ऑनलाइन; युवाओं को ई-टैक्सी और ई-रिक्शा पर 50% अनुदान

Himachal Pradesh: हिमाचल में कारोबार को मिलेगा नया बढ़ावा, सभी सरकारी सेवाएं होंगी ऑनलाइन; युवाओं को ई-टैक्सी और ई-रिक्शा पर 50% अनुदान

 

शिमला, 10 जून। हिमाचल प्रदेश सरकार ने व्यवसाय करने में सुगमता बढ़ाने और युवाओं को स्वरोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने श्रम एवं रोजगार विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभाग की सभी सेवाओं, प्रमाण-पत्रों और लाइसेंस से जुड़ी प्रक्रियाओं को पूरी तरह ऑनलाइन और डिजिटाइज किया जाए, ताकि लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ आसानी से और समय पर मिल सके।

बैठक में मुख्यमंत्री ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी और निर्धारित समयसीमा के भीतर पहुंचे। उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना-2023 के तहत युवाओं को ई-टैक्सी खरीदने के लिए 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना को आगे बढ़ाते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 500 अतिरिक्त युवाओं को ई-टैक्सी खरीदने के लिए 50 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने बजट में 50 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया है।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन को ध्यान में रखते हुए इसी वित्तीय वर्ष के दौरान 500 युवाओं को ई-रिक्शा खरीदने के लिए भी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से 50 प्रतिशत पूंजीगत अनुदान प्रदान किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और प्रदेश में पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राज्य में व्यापार और उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार लगातार सुधारात्मक कदम उठा रही है। इसी दिशा में हिमाचल प्रदेश दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम, 1969 तथा उससे संबंधित नियमों में संशोधन किया गया है। नए प्रावधानों के तहत अधिनियम को पूरे प्रदेश में अधिक प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा और दुकानों तथा वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को 24 घंटे संचालन की अनुमति दी गई है।

उन्होंने कहा कि इस फैसले से प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी, उद्यमियों को कारोबार बढ़ाने के बेहतर अवसर मिलेंगे और उपभोक्ताओं को अपनी सुविधा के अनुसार खरीदारी करने की आजादी मिलेगी। सरकार व्यवसाय करने में सुगमता को और अधिक मजबूत बनाने के लिए अनुपालन प्रणाली को सरल और प्रभावी बनाने पर भी काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आर्थिक विकास के साथ-साथ श्रमिकों के अधिकारों और उनके कल्याण को भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रखा गया है। उन्होंने कहा कि विकास और श्रमिक हितों के बीच संतुलन बनाए रखते हुए राज्य को निवेश और रोजगार के लिए अधिक आकर्षक बनाया जाएगा। बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, मुख्य सचिव के.के. पंत, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, सचिव प्रियंका बसु इंग्टी, श्रम आयुक्त वीरेंद्र शर्मा सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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