Uttar Pradesh : लखनऊ के वैज्ञानिकों ने आम उत्पादकों को दी तकनीकी जानकारी, उत्पादन बढ़ाने और रोग-कीट से बचाव के बताए उपाय

Bulandshahar News (अवनीश त्यागी) : आम की पैदावार बढ़ाने और किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से लखनऊ स्थित केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, रहमानखेड़ा के वैज्ञानिकों की टीम बुधवार को बुलंदशहर के स्याना फल पट्टी क्षेत्र पहुंची। वैज्ञानिकों ने राज्य दिशा कमेटी के सदस्य बब्बन खान के बाग में आम उत्पादकों के साथ जागरूकता कार्यक्रम किया।

प्रधान वैज्ञानिक डॉ. प्रभात कुमार शुक्ल, प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सुशील कुमार शुक्ल, सर्विस इंजीनियर अनिकेत सिंह और आनंद झा ने किसानों को आम की उन्नत किस्मों, वैज्ञानिक विधि से बागवानी, समय पर कटाई-छंटाई, पोषक तत्वों के संतुलित प्रयोग और सिंचाई प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
वैज्ञानिकों ने आम में लगने वाले सूखा और उखटा रोग के साथ ही माइलबग, तना छेदक, पाउडरी मिल्ड्यू और एंथ्रेक्नोज जैसे कीट-रोगों की पहचान एवं उनके जैविक व रासायनिक नियंत्रण के उपाय बताए। उन्होंने उपज की गुणवत्ता सुधारने और भंडारण के आधुनिक तरीकों पर भी चर्चा की।
कार्यक्रम के दौरान आम उत्पादकों ने वैज्ञानिकों से सीधे संवाद कर अपनी समस्याएं साझा कीं। किसानों ने विशेष रूप से आम के वृक्षों में सूखा रोग से बचाव और अन्य दिक्कतों के समाधान पूछे। उत्पादकों ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से उन्हें नई तकनीक सीखने और उपज बढ़ाने में मदद मिलेगी।
आयोजकों ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य बुलंदशहर क्षेत्र में आम की उत्पादकता बढ़ाकर जिले को “आम उत्पादन का हब” बनाना है। कार्यक्रम में प्रमुख आम उत्पादक केदारनाथ त्यागी, डॉ. उमर खान, शाद खान, सलमान खान, दीपक त्यागी, मुजीब खान, इरफान खान सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।





