Uttar Pradesh Milk Procurement: दुग्ध व्यवसाय से साढ़े तीन लाख महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर

Uttar Pradesh Milk Procurement: दुग्ध व्यवसाय से साढ़े तीन लाख महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर
लखनऊ, 21 मार्च: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं। दुग्ध संग्रहण और उससे जुड़े कार्यों के जरिए प्रदेश की करीब साढ़े तीन लाख महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बनी हैं। इसी के साथ दुग्ध व्यवसाय में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है।
इस बदलाव के पीछे उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की बड़ी भूमिका रही है, जिसने ग्रामीण महिलाओं को रोजगार, प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया। सरकार की योजनाओं के चलते महिलाएं अब स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ समाज में भी मजबूत पहचान बना रही हैं।
प्रदेश में मिल्क वैल्यू चेन विकसित होने से दुग्ध उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलने लगा है। किसानों और महिला समूहों को नियमित और पारदर्शी भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे उनका भरोसा बढ़ा है और आय में भी लगातार वृद्धि हुई है।
दुग्ध व्यवसाय के विस्तार से गांवों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। इससे न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिली है। छोटे स्तर पर शुरू हुआ यह कार्य अब एक बड़े आर्थिक मॉडल का रूप ले चुका है।
सरकार द्वारा महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने की सुविधाएं दी जा रही हैं, जिससे उनका व्यापक सशक्तीकरण हो रहा है। महिलाएं अब अपने परिवार के साथ-साथ समाज के विकास में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी नीतियों में ग्रामीण महिलाओं को प्राथमिकता दी है, जिसके चलते प्रदेश में लगातार नई उपलब्धियां दर्ज की जा रही हैं। दुग्ध व्यवसाय के माध्यम से महिलाओं का सशक्तीकरण अब केवल आर्थिक बदलाव नहीं, बल्कि एक बड़े सामाजिक परिवर्तन का आधार बन चुका है।





