उत्तर प्रदेश, गाजियाबाद: तीन अवैध कालोनियां हुईं जमींदोज, करोड़ों की सरकारी जमीन कब्जा मुक्त कराई

अजीत कुमार

उत्तर प्रदेश, गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के प्रवर्तन दस्ते ने मसूरी क्षेत्र में तीन अवैध कालोनियां जमींदोज कर दीं। मसूरी क्षेत्र में करोड़ों की जमीन पर निजी डेवलपर्स अवैध निर्माण कर रहे थे। जीडीए की इस कार्रवाई का डेवलपर्स से जमकर विरोध किया लेकिन पुलिस की मदद से प्रवर्तन दस्ते ने अभियान को अंजाम देने के बाद ही दम लिया। इस दौरान पुलिस को विरोध कर रहे लोगों को डंडे फटकारते हुए मौके से खदेड़ दिया। विरोध करने वालों में कुछ सियासी लोग भी शामिल बताए गए हैं।

जीडीए के प्रवर्तन दस्ते ने जोन- पांच के अंतर्गत मसूरी गांव के रकबे पर खसरा संख्या- 387 और 389 पर किए जा रहे अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। यहां 5100 वर्गमीटर सरकारी जमीन पर कब्जा करके अवैध रूप से कालोनी विकसित की जा रही थी। जीडीए के प्रवर्तन दस्ते ने जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से इस अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। मौके पर पहुंचे कुछ सियासी लोगों ने कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए विरोध करने का प्रयास किया लेकिन मौके पर मौजूद अधिकारियों ने उन्हें असल स्थिति की जानकारी देकर शांत कर दिया। जीडीए के प्रवर्तन दस्ते ने मसूरी क्षेत्र के अंतर्गत भगवती इंस्टीट्यूट के पीछे 10,000 वर्गमीटर में बिलाल आदि के द्वारा अवैध रूप से विकसित की जा रही कालोनी को जमींदोज कर दिया। जीडीए की टीम ने कालोनी की बाउंड्रीवाल, सड़क और साइट आफिस को तोड़ गिराया। जीडीए से मिली जानकारी के मुताबिक खसरा नंबर – 651, 652, 653 और 654 पर कालोनी का पुनः निर्माण किया जा रहा था। इस भूमि पर जीडीए का प्रवर्तन दस्ता पहले भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर चुका है।

सिद्धार्थ विहार के पास तोड़ी अवैध कालोनी
प्रवर्तन दस्ते ने सिद्धार्थ विहार योजना के समीप खसरा नंबर- 655 पर विकसित की जा रही अवैध कालोनी को भी तोड़ दिया। यह अवैध कालोनी 10,000 वर्गमीटर जमीन पर विकसित की जा रही थी। जीडीए के अधिकारियों ने मौके पर लोगों से अवैध कालोनियों में निवेश न करने की अपील की। अधिकारियों ने कहा है कि जीडीए के क्षेत्र में कहीं भी निवेश करने से पहले संपत्ति की वैधानिक स्थिति का अवश्य पता कर लें।

स्वीकृत मानचित्र पर ही करें निर्माण
जीडीए सचिव राजेश कुमार सिंह ने निजी डेवलपर्स को भी चेताया है कि मानचित्र स्वीकृत कराए बिना कोई भी निर्माण करने की कोशिश न करें। जीडीए वीसी के निर्देशन में प्रवर्तन दस्ता लगातार अवैध निर्माणों पर नजर रख रहा है। किसी भी हाल में अवैध निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से बचने के लिए पहले जीडीए में मानचित्र के लिए आवेदन करें और स्वीकृति प्राप्त होने के बाद ही निर्माण करें

Read More: Noida Fire: नोएडा की प्लास्टिक बैग फैक्ट्री में भीषण आग, करोड़ों का सामान जलकर हुआ खाक

Hot this week

Rabupura Firing: मामूली विवाद में दो पक्षों में चलीं गोलियां, दो लोग गंभीर घायल

Rabupura Firing: मामूली विवाद में दो पक्षों में चलीं...

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img