Uttar Pradesh : बुलंदशहर में 6 लाख रुपये वसूलने के आरोप में एसएचओ समेत 7 पुलिसकर्मियों पर एफआईआर, डीआईजी के आदेश पर कार्रवाई

Bulandshahar News (अवनीश त्यागी) : पुलिस द्वारा एक युवक को अवैध रूप से उठाकर हिरासत में रखने और छोड़ने के एवज में 6 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में बड़ी कार्रवाई हुई है। शनिवार को सिकंदराबाद कोतवाली पुलिस ने तत्कालीन थाना प्रभारी समेत 7 पुलिसकर्मियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की। यह कार्रवाई डीआईजी कलानिधि नैथानी के आदेश पर की गई।
पुलिसकर्मियों पर एक युवक को अवैध हिरासत में रखने, मारपीट करने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर 6 लाख रुपये वसूलने का आरोप है। मामला दर्ज होने के बाद जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार सिकंदराबाद के मोहल्ला रिसालदारान निवासी सलमान पुत्र हनीफ खान ने शिकायत में बताया कि उनकी बुलंदशहर रोड स्थित दुकान से तीन महीने पहले 30 अप्रैल को रात करीब 8:30 बजे घर लौटते समय गुलावठी टोल प्लाजा के पास सिकंदराबाद पुलिस ने उन्हें और उनके भतीजे आदिल को रोक लिया। आरोप है कि दोनों को जबरन थाने ले जाकर हिरासत में रखा गया।
सलमान का आरोप है कि हिरासत के दौरान पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की और 20 लाख रुपये की मांग करते हुए कहा कि रकम नहीं देने पर एनडीपीएस एक्ट के झूठे मुकदमे में फंसा देंगे और पैर में गोली मार देंगे।
शिकायत के अनुसार डर के कारण परिजनों ने 6 लाख रुपये की व्यवस्था कर पुलिसकर्मियों को दिए। इसके बाद सुबह करीब 3 बजे उन्हें छोड़ दिया गया। सलमान का आरोप है कि जाते समय पुलिसकर्मियों ने धमकी दी कि यदि घटना की जानकारी किसी को दी या शिकायत की, तो पूरे परिवार को झूठे मुकदमों में फंसा दिया जाएगा।
एफआईआर में सिकंदराबाद के तत्कालीन थाना प्रभारी नीरज मलिक, उपनिरीक्षक अरुण कुमार, कॉन्स्टेबल योगेश तथा चार अज्ञात पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया गया है।
शिकायतकर्ता ने गुलावठी टोल प्लाजा और सिकंदराबाद थाने के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की है। डीआईजी के निर्देश पर मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। एसपी सिटी अभिषेक प्रताप अजेय ने बताया कि उक्त मामले की विवेचना सीओ सिकंदराबाद कर रहे हैं। साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।




