Uttar Pradesh : बुलंदशहर में बारिश में छाता लेकर कांवड़ यात्रा मार्गों का निरीक्षण करने सड़कों पर उतरे मंडल कमिश्नर और डीआईजी

Bulandshahar News (अवनीश त्यागी) : कांवड़ यात्रा मार्गों की तैयारियों का जायजा लेने के लिए मंगलवार को मेरठ मंडल कमिश्नर भानु चंद गोस्वामी और डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बुलंदशहर और हापुड़ जनपदों का दौरा किया। बुलंदशहर में भारी बारिश के बीच अधिकारियों ने छाता लेकर मार्गों का निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं का जायजा लिया और जरूरी दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी कुमार हर्ष, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह, डीएफओ डॉ. हरेंद्र सिंह, सीएमओ सुनील कुमार दोहरे, अपर जिलाधिकारी प्रशासन नितेश कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक सिटी अभिषेक, उप जिलाधिकारी ललाजी विश्वकर्मा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। हरिद्वार, बृजघाट, अनूपशहर व अन्य क्षेत्रों से कांवड़ लाने वाले श्रद्धालुओं को उचित सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अधिकारियों ने सभी व्यवस्थाओं को परखा।
अधिकारियों के दल ने नहर पटरी मार्ग, सराय नहर पटरी कांवड़ मार्ग होते हुए आहार स्थित अम्बकेश्वर मंदिर तक का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मार्ग पर साफ-सफाई, पेयजल, स्वास्थ्य कैंप, मोबाइल शौचालय, वाहन पार्किंग और लाइटिंग जैसी मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। आहार स्थित अम्बकेश्वर मंदिर का भी विशेष रूप से निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने मंदिर में जलाभिषेक की तैयारियों का जायजा लेते हुए भीड़ नियंत्रण के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास मार्ग बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने मंदिर परिसर और मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने को भी कहा।
कमिश्नर ने कांवड़ियों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मार्ग में गड्ढे भरने, बिजली के तारों को दुरुस्त करने और अतिक्रमण हटाने पर जोर दिया। स्वास्थ्य विभाग को हर पड़ाव पर मेडिकल कैंप और एम्बुलेंस की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए।
डीआईजी ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के संबंध में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने, उचित डायवर्जन और बैरियर व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी निगरानी रखने को कहा। अधिकारियों ने दोहराया कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।





