Uttar Pradesh : मथुरा में अंबेडकर के बाद अब परशुराम प्रतिमा की मांग, सीएम को लिखा पत्र

Mathura News : मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद के प्रमुख याचिकाकर्ता पंडित दिनेश शर्मा (फलाहारी) ने अब भगवान परशुराम की उपेक्षा का मुद्दा उठाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मथुरा जनपद में भगवान परशुराम की भव्य प्रतिमा स्थापित कराने और किसी प्रमुख स्थान का नाम उनके नाम पर रखने की मांग की है।
अपनी मांग के समर्थन में पंडित शर्मा ने कहा कि मथुरा में कई महापुरुषों और समाज सुधारकों के नाम पर स्थान और चौराहे मौजूद हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए महाराजा अग्रसेन और डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर बने स्थलों का उल्लेख किया। उनके अनुसार, करोड़ों हिंदुओं की आस्था के केंद्र और शस्त्र-शास्त्र के ज्ञाता भगवान परशुराम के नाम पर पूरे जनपद में न तो कोई मूर्ति है, न मंदिर और न ही किसी स्थान का नाम रखा गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि सनातन संस्कृति के प्रमुख आधार स्तंभों में शामिल भगवान परशुराम को ब्रज की पावन धरा पर उपेक्षित क्यों रखा जा रहा है।
याचिकाकर्ता ने अपनी मांग को मजबूत करने के लिए मथुरा के सामाजिक और जातिगत समीकरणों का भी हवाला दिया। उनका कहना है कि मथुरा और ब्रज क्षेत्र में ब्राह्मण समाज की बड़ी आबादी निवास करती है, जो मंदिरों की सेवा और सनातन धर्म के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाती है।
अनुमानित आंकड़ों के अनुसार, मथुरा जनपद में लगभग 2.25 से 2.50 लाख ब्राह्मण मतदाता हैं, जिनकी संख्या चुनावी परिणामों को प्रभावित करने में अहम मानी जाती है। जिले में जाट समुदाय की आबादी सबसे अधिक, करीब 3.5 से 4 लाख के बीच आंकी जाती है, जबकि ठाकुर (क्षत्रिय) समाज की संख्या लगभग 2.5 से 3 लाख बताई जाती है।





