Noida: नोएडा प्राधिकरण पर किसानों का जोरदार प्रदर्शन, तीनों गेट बंद कर जताया विरोध

Noida: नोएडा प्राधिकरण पर किसानों का जोरदार प्रदर्शन, तीनों गेट बंद कर जताया विरोध

नोएडा: अपनी लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (मंच) के बैनर तले बड़ी संख्या में किसानों ने नोएडा प्राधिकरण पर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने प्राधिकरण का घेराव करते हुए पहले रिसेप्शन बंद कराया और इसके बाद गेट नंबर-2 और गेट नंबर-3 को भी बंद कर दिया, जिससे रोजमर्रा के कार्यों के लिए आने वाले लोग प्राधिकरण परिसर में प्रवेश नहीं कर सके।

प्रदर्शन कर रहे किसानों का आरोप है कि नोएडा प्राधिकरण द्वारा उनके साथ लगातार छल किया जा रहा है। किसानों ने कहा कि उनके मुद्दों को न तो प्राधिकरण बोर्ड की बैठकों में रखा जाता है और न ही वर्षों से लंबित मांगों का समाधान किया जा रहा है। किसानों के अनुसार, सिर्फ आश्वासन देकर समय लिया जाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर आज तक कोई ठोस काम नहीं हुआ।

किसानों ने बताया कि आबादी विनियमितिकरण के नाम पर गांवों की आबादी को निशाना बनाकर नोटिस भेजे जा रहे हैं। सुल्तानपुर गांव सहित कई गांवों में आबादी पर नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि गांवों के विकास के लिए अब तक क्या किया गया, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी किसानों को नहीं दी गई है। किसानों का कहना है कि हर बार उन्हें 15 दिन या एक महीने का समय देकर टाल दिया जाता है, जो केवल किसानों को बरगलाने का तरीका बन चुका है।

मंगलवार को किसान दोपहर करीब 12 बजे से ही प्राधिकरण के बाहर एकत्रित होने लगे थे। इसके बाद उन्होंने संगठित होकर प्राधिकरण के गेट बंद कर दिए और धरने पर बैठ गए। धरने को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल त्यागी ने कहा कि नोएडा प्राधिकरण किसानों को हल्के में लेने की भूल न करे। उन्होंने कहा कि इस बार किसान सिर्फ आश्वासन लेकर वापस नहीं जाएंगे, बल्कि अपना हक लेकर ही लौटेंगे, चाहे इसके लिए धरना कितने भी लंबे समय तक क्यों न चलाना पड़े।

वहीं, भारतीय किसान यूनियन मंच के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अशोक चौहान ने कहा कि नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों द्वारा किसानों के साथ किए गए समझौता पत्रों में साफ लिखा है कि किसानों के 5 प्रतिशत और 10 प्रतिशत विकसित भूखंड, वर्ष 1976 से 1997 के बीच के किसान कोटे के प्लॉट, और आबादी के संपूर्ण निस्तारण जैसे कई लाभ अब भी प्राधिकरण पर बकाया हैं। इन सभी मांगों को अब तक पूरा नहीं किया गया है।

किसान नेताओं ने साफ किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। किसानों के इस प्रदर्शन से पूरे प्राधिकरण परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और प्रशासनिक कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ।

 

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