साइबर क्राइम एवं डिजिटल अरेस्ट से बचने के लिए अज्ञात नंबर वाली फोन कॉल्स उठाने से बचना चाहिए : रिजर्व बैंक लोकपाल राजीव द्विवेदी

साइबर क्राइम एवं डिजिटल अरेस्ट से बचने के लिए अज्ञात नंबर वाली फोन कॉल्स उठाने से बचना चाहिए : रिजर्व बैंक लोकपाल राजीव द्विवेदी

*जानकर बने, सावधान रहें : आरबीआई

* 140 करोड़ आबादी वाले देश में 340 करोड़ बैंक जमा खाते ओर रोज होती हैं 1500 करोड़ डिजिटल ट्रांजैक्शंस

चण्डीगढ़ 21 अक्टूबर : आए दिन हो रहे साइबर क्राइम एवं डिजिटल अरेस्ट से बचने के लिए बैंक उपभोक्ताओं को जागरूक होना चाहिए व उन्हें एक तो अज्ञात नंबर वाली फोन कॉल्स उठाने से बचना चाहिए तथा साथ ही ऐसी कॉल्स आने पर शीघ्रातिशीघ्र संबंधित बैंक में शिकायत करनी चाहिए। ये कहना था रिजर्व बैंक लोकपाल राजीव द्विवेदी का, जो भारतीय रिजर्व बैंक की चंडीगढ़ शाखा के चीफ जनरल मैनेजर भी हैं। वे आज यहाँ चण्डीगढ़ स्थित रिजर्व बैंक लोकपाल कार्यालय द्वारा चण्डीगढ़ प्रेस क्लब के सहयोग से क्लब के सदस्यों के लिए वित्तीय जागरूकता कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए बोल रहे थे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों में रिज़र्व बैंक लोकपाल योजना की जानकारी बढ़ाना एवं डिजिटल लेन-देन में धोखाधड़ी से सजग करना था। उन्होंने कहा कि इस धोखाधड़ी का शिकार अधिकतर सम्पन्न वर्ग के लोग तथा डॉक्टर्स एवं एडवोकेट्स आदि हो रहे हैं।

उन्होंने सहभागियों को बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के ग्राहकों के अधिकारों के साथ-साथ जिम्मेदारियों और कर्तव्यों पर भी प्रकाश डाला। अधिक केंद्रित तरीके से प्रतिभागियों को ओटीपी, खाता/कार्ड विवरण, पिन, इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड आदि साझा न करने के रूप में सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग के लिए क्या करें और क्या न करें के बारे में जागरूक किया गया। प्रतिभागियों को भारत सरकार द्वारा शुरू की गई ‘संचारसारथी’ वेबसाइट (https://www.sancharsaarthi.gov.in) के बारे में जागरूक किया गया, जो नागरिकों के लिए संदिग्ध कॉल / फ़िशिंग लिंक के विवरण की रिपोर्ट करने की सुविधा के रूप में है। प्रतिभागियों से अनुरोध किया गया कि उन्हें केवल सेवा प्रदाताओं के आधिकारिक ऐप, वेबसाइट और कॉल सेंटर नंबर का ही उपयोग करना चाहिए। छोटे वीडियो के माध्यम से, प्रतिभागियों को वित्तीय क्षेत्र के भोले-भाले ग्राहकों को धोखा देने के लिए धोखेबाजों द्वारा अपनाए जाने वाले ‘सामान्य तरीके’ के बारे में भी अवगत कराया गया। इस संबंध में उनसे आरबीआई की वेबसाइट ( https://wwwi.org.in ) पर उपलब्ध ‘बी(अ)वेयर’ पुस्तिका पढ़ने का भी अनुरोध किया गया। प्रतिभागियों से अनुरोध किया गया कि मोबाइल पर केवाईसी विवरण अपडेट करने, बिजली का कनेक्‍शन काटने, सिम कार्ड ब्लॉक करने, क्रेडिट कार्ड में रिवॉर्ड पॉइंट भुनाने, टेलीग्राम के माध्यम से नौकरी की पेशकश आदि जैसे किसी भी लिंक को डाउनलोड करके या अन्यथा आने वाले संदेशों पर अत्यधिक सावधानी से बरतनी चाहिए। इसी प्रकार, विदेशी रिश्तेदारों को निधियों के विप्रेषण के संबंध में प्राप्तकर्ताओं को दिए गए किसी भी संदेश पर उचित पुष्टि के बाद ही कार्रवाई की जानी चाहिए। सहभागियों से कहा गया कि इस तरह के संदेशों के साथ आने वाले फोन कॉलों से अत्यंत सावधान रहना है। प्रतिभागियों का ध्यान “आरबीआई कहता है.. जानकर बने, सावधान रहें!” की ओर आकर्षित किया गया।

प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि बैंकों की सेवाओं और गैर-बैंकिंग वित्तीय सेवाओं में कमी के संबंध में शिकायतें रिज़र्व बैंक एकीकृत लोकपाल योजना 2021 (आरबीआईओएस-2021) के तहत जांच के लिए https://www.cms.rbi.org.in पर दर्ज की जा सकती है या मुख्य महाप्रबंधक, केंद्रीय प्राप्ति एवं प्रसंस्करण केंद्र, भारतीय रिज़र्व बैंक, सेंट्रल विस्टा, सेक्टर 17 ए, चंडीगढ़ -160017 को भेजी जा सकती हैं। कार्यक्रम में लोकपाल कार्यालय के अधिकारियों के अलावा चण्डीगढ़ प्रेस क्लब के अध्यक्ष नलिन आचार्य और महासचिव उमेश शर्मा भी उपस्थित थे।

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