Noida ESIC Hospital: नोएडा के ESIC केंद्र में मरीजों का भारी दबाव, दो डॉक्टरों पर 700 से ज्यादा मरीज, फार्मासिस्ट की कमी से बढ़ी परेशानी
Noida ESIC Hospital: नोएडा के ESIC केंद्र में मरीजों का भारी दबाव, दो डॉक्टरों पर 700 से ज्यादा मरीज, फार्मासिस्ट की कमी से बढ़ी परेशानी
नोएडा सेक्टर-57: सेक्टर-57 स्थित ईएसआईसी नगरीय आरोग्य प्रशिक्षण केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर मरीजों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। यहां दो डॉक्टरों पर रोजाना 700 से अधिक मरीजों का दबाव है, जिससे इलाज व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही है।
मरीजों का आरोप है कि उन्हें चिलचिलाती धूप में घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ता है, जबकि पर्याप्त डॉक्टर और स्टाफ की व्यवस्था नहीं है। सोमवार को स्थिति से परेशान मरीजों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने प्रबंधन पर इलाज में भेदभाव और लापरवाही के आरोप लगाए।
स्थानीय मरीजों के मुताबिक, पर्ची बनवाने के बाद दवाइयां लेने के लिए उन्हें नोएडा सेक्टर-24 स्थित अस्पताल और डिस्पेंसरी के बीच बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे समय और ऊर्जा दोनों की बर्बादी होती है। कई मरीजों को इलाज के लिए अपनी ड्यूटी तक छोड़नी पड़ रही है, जिससे आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है।
स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब ईएसआईसी मुख्यालय ने यहां तैनात चार फार्मासिस्ट में से एक का ट्रांसफर हरियाणा कर दिया। अब केंद्र पर केवल तीन फार्मासिस्ट रह गए हैं, जिनमें से एक अक्सर अवकाश पर रहते हैं, जिससे दवाइयों के वितरण में और देरी हो रही है।
कतार में खड़ी मरीज निशा का कहना है कि पिछले दो वर्षों से प्रबंधन मरीजों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में असफल रहा है। कई बार डॉक्टर और स्टाफ बढ़ाने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
मरीजों ने चेतावनी दी है कि अगर भीषण गर्मी के बीच व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो वे नोएडा सेक्टर-24 अस्पताल पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
इस पूरे मामले पर डॉ. संदीप चौधरी ने कहा कि मेडिकल सुपरिटेंडेंट के अवकाश पर होने के कारण उन्हें पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन वे संबंधित इंचार्ज से रिपोर्ट लेकर उचित कार्रवाई करेंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं की इस स्थिति ने एक बार फिर शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में संसाधनों की कमी और प्रबंधन की चुनौतियों को उजागर कर दिया है।