Tejas MK-1A,: वायुसेना को मिलेंगे पहले 5 उन्नत तेजस एमके-1ए विमान, 9 और विमान उड़ान परीक्षण पूरा कर तैयार

Tejas MK-1A: वायुसेना को मिलेंगे पहले 5 उन्नत तेजस एमके-1ए विमान, 9 और विमान उड़ान परीक्षण पूरा कर तैयार
नई दिल्ली, 5 फरवरी: भारत के स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट-एलसीए) तेजस एमके-1ए कार्यक्रम ने नई सफलता हासिल की है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने बुधवार को बताया कि भारतीय वायुसेना को सौंपने के लिए पांच तेजस एमके-1ए विमान पूरी तरह तैयार हैं और सभी अनुबंधित क्षमताओं और तकनीकी विशिष्टताओं को पूरा करते हैं।
एचएएल ने यह भी जानकारी दी कि अमेरिकी कंपनी जीई एयरोस्पेस से इंजन आपूर्ति में आई देरी के बावजूद अब पांच इंजन प्राप्त हो चुके हैं, जिसके चलते इन पांच विमानों की डिलीवरी संभव हो गई है। इसके अलावा नौ और तेजस एमके-1ए विमान पहले ही निर्मित और उड़ान परीक्षण पूरा कर चुके हैं। ये विमान भी इंजन मिलने के तुरंत बाद वायुसेना को सौंपे जाने के लिए तैयार हैं। भारतीय वायुसेना मई 2026 में इस परियोजना की विस्तृत समीक्षा करेगी, जिसके बाद औपचारिक इंडक्शन और आगे की डिलीवरी की समयसीमा तय की जाएगी।
तेजस एमके-1ए एक 4.5 पीढ़ी का उन्नत लड़ाकू विमान है। इसमें एईएसए रडार, आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट, बीवीआर मिसाइलों को तैनात करने की क्षमता और 65 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी उपकरण शामिल हैं। यह विमान पुराने मिग-21 बेड़े की जगह लेने के लिए डिज़ाइन किया गया है। भारतीय वायुसेना ने कुल 180 तेजस एमके-1ए विमान ऑर्डर किए हैं, जिनकी तैनाती राजस्थान के नाल एयरबेस पर प्रस्तावित है।
विशेषज्ञों का कहना है कि तेजस एमके-1ए भारतीय वायुसेना की लड़ाकू क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हल्के और अत्याधुनिक तकनीक से लैस इस विमान का उद्देश्य सीमाओं पर सुरक्षा सुनिश्चित करना और वायुसेना के ऑपरेशनल कॉम्प्लेक्स को मजबूत करना है। एचएएल के अधिकारियों ने कहा कि इस परियोजना की सफलता देश की विमानन और रक्षा क्षमताओं में आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।





