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Sanjay Lake Crisis: संजय झील में मछलियों की मौत पर अधिकारियों की फटकार, पानी की व्यवस्था के दिए निर्देश

Sanjay Lake Crisis: संजय झील में मछलियों की मौत पर अधिकारियों की फटकार, पानी की व्यवस्था के दिए निर्देश

रिपोर्ट: रवि डालमिया

पूर्वी दिल्ली के Sanjay Lake में लगातार हो रही मछलियों की मौत और झील के सूखते जलस्तर को लेकर सोमवार को प्रशासन हरकत में दिखाई दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्वी दिल्ली डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कमेटी के चेयरमैन Dr. Anil Goyal ने दिल्ली विकास प्राधिकरण और दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों के साथ झील का दौरा किया और मौके पर स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान चेयरमैन ने अधिकारियों से झील में पानी की कमी और बड़ी संख्या में मछलियों की मौत के कारणों को लेकर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल्द से जल्द झील में पर्याप्त पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि हालात और खराब न हों।

दौरे के समय Ravinder Singh Negi और Ravikant भी मौके पर मौजूद रहे। दोनों विधायकों ने अधिकारियों से स्थिति को लेकर जवाब मांगा और जल्द समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।

डॉ. अनिल गोयल ने बताया कि संजय झील की देखरेख Delhi Development Authority के अधीन आती है, जबकि झील में पानी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी Delhi Jal Board की है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि झील में पानी की सप्लाई कोंडली एसटीपी प्लांट से की जाती है, लेकिन पाइपलाइन में लीकेज होने के कारण पानी झील तक नहीं पहुंच पाया। इसी वजह से भीषण गर्मी के बीच झील का जलस्तर लगातार गिरता गया और बड़ी संख्या में मछलियां मरने लगीं।

चेयरमैन ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि झील में जल्द पानी पहुंचाने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं और वैकल्पिक जल व्यवस्था भी जल्द लागू की जाए।

वहीं विधायक रविंद्र सिंह नेगी और रविकांत ने कहा कि मामले में जो भी अधिकारी या विभाग जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि Rekha Gupta के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने इस मामले का तुरंत संज्ञान लिया है और झील में पानी पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

दोनों विधायकों ने यह भी आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान संजय झील अक्सर सूखी रहती थी, लेकिन अब प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं करेगा। फिलहाल झील में पानी की आपूर्ति बहाल करने और मछलियों की मौत रोकने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है।

 

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