Residential Plot Construction: ग्रेटर नोएडा में आवासीय भूखंडों पर निर्माण के लिए 30 जून 2028 तक अतिरिक्त समय, इसके बाद रद्द होगा आवंटन
नोएडा। ग्रेटर नोएडा की विभिन्न आवासीय भूखंड योजनाओं के ऐसे आवंटियों को बड़ी राहत दी गई है, जो अभी तक अपने भूखंड पर भवन निर्माण पूरा नहीं कर सके हैं या निर्माण के बाद कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं किया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने ऐसे आवंटियों को अंतिम अवसर देते हुए भवन निर्माण पूरा करने और कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए 30 जून 2028 तक अतिरिक्त समय देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
इस समय विस्तार का लाभ उन आवंटियों को मिलेगा, जिनके आवासीय भूखंडों पर निर्धारित अवधि के भीतर निर्माण पूरा नहीं हो पाया है या जिन्होंने अभी तक कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं किया है।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि यह अतिरिक्त समय बिना किसी शुल्क के नहीं मिलेगा। आवंटियों को वर्तमान में लागू विलंब शुल्क का भुगतान करना होगा। प्रचलित विलंब शुल्क के साथ ही 30 जून 2028 तक का समय विस्तार स्वीकृत किया गया है।
इस फैसले से बड़ी संख्या में ऐसे आवंटियों को अपने भूखंड पर निर्माण पूरा करने का एक और अवसर मिलेगा, जो विभिन्न कारणों से निर्धारित समयसीमा में भवन निर्माण नहीं करा सके थे।
आवंटियों को अतिरिक्त अवधि के दौरान न केवल भवन निर्माण पूरा करना होगा, बल्कि प्राधिकरण से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र भी प्राप्त करना होगा।
प्राधिकरण की ओर से इस अवसर को अंतिम समय विस्तार के रूप में दिया गया है। यानी 30 जून 2028 के बाद निर्माण या कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र के लिए आगे अतिरिक्त समय मिलने की संभावना नहीं होगी।
प्राधिकरण ने साफ किया है कि निर्धारित अंतिम तारीख तक कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं करने वाले आवंटियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अगर कोई आवंटी 30 जून 2028 तक अपने आवासीय भूखंड पर निर्माण पूरा कर कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र हासिल नहीं करता है तो उसके भूखंड का आवंटन रद्द कर दिया जाएगा।
इस व्यवस्था के जरिए प्राधिकरण का उद्देश्य आवासीय भूखंड योजनाओं में लंबे समय से खाली पड़े या निर्माणाधीन भूखंडों पर निर्धारित समय के भीतर निर्माण सुनिश्चित करना है।
कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र किसी भवन का निर्माण स्वीकृत मानचित्र और संबंधित नियमों के अनुसार पूरा होने की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए केवल भवन निर्माण कर लेना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि आवंटी को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र भी हासिल करना होगा।
आवंटियों को अब 30 जून 2028 की अंतिम समयसीमा को ध्यान में रखते हुए निर्माण और उससे संबंधित औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। इसके लिए वर्तमान में प्रचलित विलंब शुल्क भी जमा करना होगा।
इस निर्णय से फिलहाल निर्माण पूरा नहीं कर सके आवंटियों को करीब दो वर्ष का अतिरिक्त अवसर मिलेगा, लेकिन इसके साथ प्राधिकरण ने अंतिम समयसीमा भी स्पष्ट कर दी है।
ऐसे में जिन आवंटियों के भूखंड पर अभी निर्माण लंबित है, उन्हें तय समय के भीतर निर्माण पूरा करने के साथ कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा। ऐसा नहीं करने पर उन्हें भूखंड का आवंटन रद्द होने की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

