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NDRF Regional Response Centre: ग्रेटर नोएडा में एनडीआरएफ को निशुल्क मिलेंगे 30 फ्लैट, आपदा और आपात स्थिति में तेजी से शुरू होगा राहत-बचाव अभियान

NDRF Regional Response Centre: ग्रेटर नोएडा में एनडीआरएफ को निशुल्क मिलेंगे 30 फ्लैट, आपदा और आपात स्थिति में तेजी से शुरू होगा राहत-बचाव अभियान

नोएडा। ग्रेटर नोएडा में प्राकृतिक आपदा, औद्योगिक दुर्घटना, भवन गिरने और बाढ़ जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्य को और प्रभावी बनाने के लिए एनडीआरएफ को बड़ी सुविधा दी जाएगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने एनडीआरएफ की 8वीं वाहिनी गाजियाबाद के रीजनल रिस्पॉन्स सेंटर के लिए सेक्टर ओमीक्रॉन-1ए में 30 फ्लैट निशुल्क आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

एनडीआरएफ की ओर से ग्रेटर नोएडा में तैनात होने वाली टीम के लिए भवन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। इस अनुरोध पर विचार करते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव बोर्ड के समक्ष रखा, जिसे मंजूरी मिल गई है।

प्रस्ताव के अनुसार सेक्टर ओमीक्रॉन-1ए में एनडीआरएफ को टाइप-टू और टाइप-थ्री श्रेणी के कुल 30 फ्लैट उपलब्ध कराए जाएंगे। इन फ्लैटों के लिए एनडीआरएफ से कोई आवंटन शुल्क नहीं लिया जाएगा।

इन आवासों का इस्तेमाल सामान्य पारिवारिक आवास के रूप में नहीं किया जाएगा। यहां तैनात एनडीआरएफ के कर्मचारी अपने परिवारों के साथ निवास नहीं करेंगे, बल्कि आपदा और आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल कार्रवाई के लिए टीम के रूप में मौजूद रहेंगे।

प्राधिकरण के प्रस्ताव के मुताबिक इन फ्लैटों का इस्तेमाल एनडीआरएफ कैंप, परिसर और स्टाफ कार्यालय के रूप में किया जाएगा। इससे एनडीआरएफ की टीम को ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में स्थायी रूप से परिचालन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

एनडीआरएफ कर्मियों की तैनाती रोटेशन के आधार पर की जाएगी। अलग-अलग टीमें निर्धारित अवधि के अनुसार यहां तैनात रहेंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति की सूचना मिलने पर राहत और बचाव अभियान तत्काल शुरू किया जा सके।

ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से औद्योगिक, आवासीय और बुनियादी ढांचे का विकास हो रहा है। बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां, बहुमंजिला इमारतें और अन्य परियोजनाएं होने के कारण आपातकालीन परिस्थितियों में विशेषज्ञ राहत एवं बचाव टीम की त्वरित उपलब्धता महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

एनडीआरएफ का रीजनल रिस्पॉन्स सेंटर सक्रिय होने से प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने में मदद मिलेगी। बाढ़ जैसी परिस्थितियों में भी एनडीआरएफ की टीम कम समय में प्रभावित क्षेत्र तक पहुंच सकेगी।

औद्योगिक दुर्घटना होने की स्थिति में भी प्रशिक्षित एनडीआरएफ कर्मियों की स्थानीय स्तर पर उपलब्धता उपयोगी साबित होगी। ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में किसी बड़ी दुर्घटना के समय टीम को दूर से बुलाने के बजाय क्षेत्र में तैनात कर्मियों को तत्काल मौके पर भेजा जा सकेगा।

बहुमंजिला या अन्य भवन गिरने जैसी घटनाओं में मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए विशेषज्ञ राहत एवं बचाव टीम की जरूरत होती है। एनडीआरएफ टीम की ग्रेटर नोएडा में मौजूदगी से ऐसी परिस्थितियों में प्रतिक्रिया समय कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा अन्य प्रकार की आपात स्थितियों में भी एनडीआरएफ की टीम स्थानीय प्रशासन, पुलिस, दमकल और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर राहत एवं बचाव अभियान चला सकेगी।

सेक्टर ओमीक्रॉन-1ए में 30 फ्लैट उपलब्ध होने से एनडीआरएफ को टीम की तैनाती, कैंप संचालन और कार्यालय से संबंधित आवश्यक सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकेंगी।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड के इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों को मजबूत करना और किसी भी गंभीर परिस्थिति में राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने में लगने वाले समय को कम करना है।

प्राधिकरण बोर्ड की मंजूरी के बाद अब सेक्टर ओमीक्रॉन-1ए में टाइप-टू और टाइप-थ्री के कुल 30 फ्लैट एनडीआरएफ के रीजनल रिस्पॉन्स सेंटर के लिए निशुल्क आवंटित करने की आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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