Raksha Bandhan Noida: विशेष बच्चों ने अपने हाथों से बनाई राखियां डीएम मेधा रूपम को बांधीं, कलेक्ट्रेट में दिखा भावुक नजारा
नोएडा। रक्षाबंधन के त्योहार से पहले गौतमबुद्ध नगर कलेक्ट्रेट में खास और भावुक नजारा देखने को मिला। अभय किड्स फाउंडेशन के विशेष बच्चों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी मेधा रूपम के साथ रक्षाबंधन का त्योहार हर्षोल्लास से मनाया। बच्चों ने अपने हाथों से तैयार की गई राखियां जिलाधिकारी की कलाई पर बांधीं। इस दौरान बच्चों के चेहरों पर खुशी और अपनी मेहनत से कुछ हासिल करने का भाव दिखाई दिया।
कार्यक्रम में ऑटिज्म, डाउन सिंड्रोम और अन्य विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों ने हिस्सा लिया। रक्षाबंधन के लिए इन बच्चों ने खुद राखियां तैयार की थीं। जब बच्चों ने अपनी बनाई राखियां जिलाधिकारी मेधा रूपम की कलाई पर बांधीं तो उन्होंने भी बच्चों से आत्मीयता के साथ बातचीत कर उनका उत्साह बढ़ाया।
अभय किड्स फाउंडेशन के इन बच्चों को आर्या फैशन्स की ओर से विशेष हैंडीक्राफ्ट प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों को उनकी क्षमताओं के अनुसार अलग-अलग तरह के रचनात्मक हुनर सिखाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को कौशल प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद करना है।
रक्षाबंधन को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम में बच्चों को राखी बनाने का हुनर भी सिखाया गया। इसके बाद बच्चों ने अपनी मेहनत और रचनात्मकता से अलग-अलग डिजाइन की आकर्षक राखियां तैयार कीं। इन्हीं राखियों को लेकर बच्चे कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं।

जिलाधिकारी मेधा रूपम ने बच्चों द्वारा तैयार राखियों और उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बच्चों से बातचीत की और उन्हें आगे भी इसी तरह रचनात्मक गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया। जिलाधिकारी ने विशेष बच्चों को हुनर सिखाने के लिए आर्या फैशन्स द्वारा चलाए जा रहे हैंडीक्राफ्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम की भी प्रशंसा की।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल रक्षाबंधन का त्योहार मनाना नहीं, बल्कि विशेष बच्चों में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करना भी रहा। प्रशिक्षण के जरिए बच्चों को ऐसा कौशल देने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका इस्तेमाल वे भविष्य में अपनी पहचान बनाने के लिए कर सकें।
इस अवसर पर समाजसेवी डॉ. खुशबू सिंह ने कहा कि यह पहल विशेष बच्चों के साथ समाज के उन वर्गों को आगे बढ़ाने का प्रयास है, जिन्हें आगे बढ़ने के लिए अतिरिक्त सहयोग और अवसर की आवश्यकता होती है। उद्देश्य बच्चों को हुनर सिखाकर उन्हें आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने के लिए सक्षम बनाना है।
डॉ. खुशबू सिंह ने कहा कि बच्चों के चेहरे पर दिखाई देने वाली मुस्कान और अपनी बनाई वस्तुओं को लेकर उनके भीतर पैदा होने वाला उपलब्धि का भाव इस पहल की सबसे बड़ी सफलता है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम बच्चों की रचनात्मक क्षमता को सामने लाने के साथ उनके आत्मविश्वास को भी मजबूत करते हैं।
अभय किड्स फाउंडेशन की प्रधानाचार्या दिशा कपूर ने भी आर्या फैशन्स के सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि व्यावहारिक और रचनात्मक प्रशिक्षण विशेष बच्चों को नई चीजें सीखने का अवसर देता है और उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करता है।
कलेक्ट्रेट में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम के दौरान कई अन्य लोग भी मौजूद रहे। विशेष बच्चों द्वारा अपने हाथों से बनाई राखियां जिलाधिकारी को बांधने का यह आयोजन त्योहार की खुशियों के साथ बच्चों की प्रतिभा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सहभागिता का संदेश भी दे गया।


