Raju Pal Murder Case: राजू पाल हत्याकांड में अतीक के शूटर आबिद को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत

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Raju Pal Murder Case: राजू पाल हत्याकांड में अतीक के शूटर आबिद को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत

प्रयागराज के चर्चित राजू पाल हत्याकांड में दोषी करार दिए गए अतीक अहमद के शूटर अभियुक्त आबिद को इलाहाबाद हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई है। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद एक बार फिर प्रदेश की राजनीति और कानूनी हलकों में यह मामला चर्चा का केंद्र बन गया है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने अभियुक्त आबिद की आपराधिक अपील पर सुनवाई करते हुए उसे सशर्त जमानत देने का आदेश पारित किया। अदालत ने मामले के विभिन्न पहलुओं, सुनवाई के दौरान प्रस्तुत तथ्यों और कानूनी बिंदुओं पर विचार करने के बाद यह फैसला सुनाया। हालांकि अदालत ने जमानत के साथ कुछ शर्तें भी तय की हैं, जिनका पालन करना आरोपी के लिए अनिवार्य होगा।

यह मामला 25 जनवरी 2005 को धूमनगंज इलाके में हुए बहुचर्चित हत्याकांड से जुड़ा है। उस दिन तत्कालीन बसपा विधायक राजू पाल की दिनदहाड़े गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। घटना ने पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया था और यह उस समय की सबसे चर्चित आपराधिक घटनाओं में शामिल हो गई थी।

हमले में राजू पाल के अलावा देवी लाल पाल और संदीप यादव की भी मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस मामले में राजू पाल की पत्नी और वर्तमान विधायक पूजा पाल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था।

जांच के दौरान कई आरोपियों के नाम सामने आए थे, जिनमें माफिया अतीक अहमद और उसके सहयोगियों के नाम भी शामिल थे। मामले की सुनवाई कई वर्षों तक चली और लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद कई आरोपियों को दोषी ठहराया गया था।

हालांकि हाईकोर्ट द्वारा आबिद को जमानत दिए जाने के फैसले पर पूजा पाल ने असहमति जताई है। उन्होंने साफ कहा है कि वह इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगी। पूजा पाल का कहना है कि यह मामला बेहद गंभीर है और पीड़ित परिवार न्याय के लिए लगातार लड़ाई लड़ रहा है।

हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद राजनीतिक और कानूनी हलकों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मामले को लेकर आगे सुप्रीम कोर्ट में क्या रुख अपनाया जाएगा और पीड़ित पक्ष इस फैसले को किस तरह चुनौती देता है।