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Patna Mini Gun Factory: फुलवारीशरीफ में मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश, देसी हथियार बनाने वाला गिरफ्तार

Patna Mini Gun Factory: फुलवारीशरीफ में मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश, देसी हथियार बनाने वाला गिरफ्तार

पटना, 15 जुलाई। बिहार की राजधानी पटना के फुलवारीशरीफ इलाके में पुलिस ने अवैध हथियार निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। जानीपुर थाना क्षेत्र के नगवां गांव में संचालित इस अवैध फैक्ट्री पर छापेमारी कर पुलिस ने देसी हथियार बनाने के धंधे में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मौके से तैयार देसी कट्टा, जिंदा कारतूस, हथियार बनाने के उपकरण और अर्धनिर्मित हथियार के पुर्जे बरामद किए गए हैं। पुलिस को आशंका है कि यहां लंबे समय से अवैध हथियार बनाकर अपराधियों तक पहुंचाए जा रहे थे।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। पटना के सिटी एसपी (पश्चिम) संकेत कुमार ने बताया कि जानीपुर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि नगवां गांव निवासी मंजूर हसन अपने घर में अवैध रूप से देसी कट्टे तैयार करने और उन्हें असेंबल करने का काम कर रहा है। सूचना की पुष्टि होने के बाद तत्काल एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया।

इस अभियान का नेतृत्व फुलवारीशरीफ पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीपीओ-2) दीपक कुमार ने किया। जानीपुर थाना पुलिस की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से आरोपी के घर की घेराबंदी की और अचानक छापेमारी की। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते आरोपी को भागने का मौका नहीं मिला और उसे मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने घर की गहन तलाशी ली तो वहां से बड़ी मात्रा में हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद हुई। बरामद सामान से स्पष्ट संकेत मिले कि आरोपी के घर में नियमित रूप से देसी हथियार तैयार किए जाते थे। पुलिस का मानना है कि यह स्थान अवैध हथियार निर्माण का सक्रिय केंद्र बना हुआ था।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक पूर्ण निर्मित देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, एक अर्धनिर्मित बैरल, एक मोबाइल फोन तथा हथियार निर्माण में उपयोग किए जाने वाले कई लोहे के औजार, रेती, आरी और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल फोन को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। आशंका है कि इसी मोबाइल के माध्यम से आरोपी ग्राहकों और हथियार खरीदने वाले लोगों से संपर्क करता था।

पुलिस गिरफ्तार आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपी कब से इस अवैध कारोबार में सक्रिय था, हथियार बनाने के लिए कच्चा माल कहां से लाता था और तैयार हथियार किन-किन अपराधियों या गिरोहों तक पहुंचाए जाते थे। इसके साथ ही आरोपी के आपराधिक इतिहास और उसके पुराने मामलों की भी जांच की जा रही है।

सिटी एसपी संकेत कुमार ने बताया कि आरोपी के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), चैट हिस्ट्री और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की विस्तृत जांच की जाएगी। इसके जरिए यह पता लगाया जाएगा कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री का नेटवर्क किन जिलों या राज्यों तक फैला हुआ है। पुलिस को उम्मीद है कि इस जांच से हथियार तस्करी से जुड़े अन्य आरोपियों की भी पहचान होगी और जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पटना और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध हथियार निर्माण तथा तस्करी पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान लगातार चलाया जा रहा है। हाल की इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि इससे न केवल एक अवैध मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा हुआ है, बल्कि हथियार सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचने के महत्वपूर्ण सुराग भी मिले हैं।

फिलहाल जानीपुर थाना में आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है और मामले में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

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