Noida women hostel: नोएडा महिला हॉस्टल प्रोजेक्ट 50 परसेंट पूरा, 4 महीने में खुलने का टारगेट
Noida women hostel: नोएडा महिला हॉस्टल प्रोजेक्ट 50 परसेंट पूरा, 4 महीने में खुलने का टारगेट
नोएडा में कामकाजी महिलाओं और छात्राओं के लिए सुरक्षित और आधुनिक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महिला कल्याण विभाग की बड़ी योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। सेक्टर-85 नोएडा और ग्रेटर नोएडा फेस-1 में बन रहे दो प्रमुख महिला हॉस्टल का निर्माण कार्य करीब 50 प्रतिशत पूरा हो चुका है और विभाग का लक्ष्य है कि इन्हें अगले चार महीनों में पूरी तरह शुरू कर दिया जाए। इन हॉस्टलों के तैयार होने के बाद हजारों महिलाओं और छात्राओं को सुरक्षित, सस्ता और सुविधाजनक आवास मिल सकेगा जिससे उन्हें महंगे पीजी या असुरक्षित किराए के मकानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। महिला कल्याण विभाग ने जिले में कुल चार महिला हॉस्टल बनाने की योजना तैयार की है जिनमें प्रत्येक हॉस्टल में लगभग 500 कमरे होंगे और इस तरह कुल करीब 2000 कमरों की क्षमता विकसित की जा रही है। फिलहाल सेक्टर-85 और ग्रेटर नोएडा फेस-1 में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और दोनों प्रोजेक्ट्स में आधा काम पूरा हो चुका है जबकि अंदरूनी काम जैसे फिनिशिंग, आधुनिक सुविधाओं की स्थापना और सुरक्षा सिस्टम पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार सेक्टर-85 का हॉस्टल नोएडा के प्रमुख औद्योगिक और आवासीय क्षेत्रों के पास होने के कारण कामकाजी महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा वहीं ग्रेटर नोएडा फेस-1 का हॉस्टल शैक्षणिक संस्थानों के नजदीक होने से बाहर से पढ़ने आने वाली छात्राओं को बड़ी राहत देगा।
इसके अलावा सूरजपुर गोल चक्कर के पास दो और कासना क्षेत्र में एक अन्य हॉस्टल भी प्रस्तावित हैं जिनका निर्माण चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है। इन सभी हॉस्टलों को आधुनिक पीसीबी मॉडल पर विकसित किया जा रहा है ताकि भवन मजबूत और लंबे समय तक टिकाऊ रहें और साथ ही सभी जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध हों। महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हर हॉस्टल में पुलिस बूथ, सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी, प्रशिक्षित सुरक्षा गार्ड और बायोमेट्रिक एंट्री सिस्टम लगाया जाएगा जिससे पूरी तरह सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सके। इसके साथ ही रहने वाली महिलाओं और छात्राओं के लिए जिम, कैंटीन, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन, स्टडी रूम, कॉमन एरिया, स्वच्छ पेयजल और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि वे एक बेहतर और सुविधाजनक माहौल में रह सकें और पढ़ाई या काम पर ध्यान केंद्रित कर सकें। महिला कल्याण विभाग के डीपीओ मनोज कुमार ने बताया कि निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और लक्ष्य है कि इस साल के भीतर सभी हॉस्टल तैयार कर दिए जाएं ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को इसका लाभ मिल सके और उन्हें सुरक्षित आवास की बेहतर सुविधा मिल पाए।

