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Noida Waterlogging: जलभराव और पेयजल संकट के समाधान के लिए आरडब्ल्यूए ने सीईओ को लिखा पत्र, स्थायी व्यवस्था की मांग

Noida Waterlogging: जलभराव और पेयजल संकट के समाधान के लिए आरडब्ल्यूए ने सीईओ को लिखा पत्र, स्थायी व्यवस्था की मांग

नोएडा। लगातार हुई भारी बारिश के बाद नोएडा के कई सेक्टरों में जलभराव और पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने की समस्या को लेकर सेक्टर-34 आरडब्ल्यूए फेडरेशन ने नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) को पत्र लिखकर तत्काल समाधान की मांग की है। फेडरेशन का कहना है कि बारिश के दौरान शहर के कई इलाकों में सड़कें, गलियां और आवासीय परिसर पानी में डूब गए, जबकि दूसरी ओर कई सेक्टरों में लोगों को नियमित पेयजल आपूर्ति भी नहीं मिल सकी। आरडब्ल्यूए ने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए जल निकासी व्यवस्था मजबूत करने और पंपिंग स्टेशनों पर स्थायी बैकअप की व्यवस्था करने की मांग की है।

आरडब्ल्यूए सेक्टर-34 फेडरेशन के अध्यक्ष केके जैन ने बताया कि हाल की भारी वर्षा के बाद शहर के अनेक सेक्टरों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। कई स्थानों पर सड़कें और गलियां पानी में डूब गईं, जिससे लोगों को घरों से निकलने और कार्यालयों तक पहुंचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जलभराव के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ और कई स्थानों पर लंबे समय तक पानी जमा रहा।

फेडरेशन ने अपने पत्र में इस बात पर भी चिंता जताई कि एक ओर पूरा शहर बारिश के पानी से घिरा रहा, वहीं दूसरी ओर कई इलाकों में लोगों को पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं हो सका। अनेक सेक्टरों में निवासी घंटों तक पानी की सप्लाई का इंतजार करते रहे। बिजली आपूर्ति बाधित होने से पंपिंग स्टेशन भी प्रभावित हुए, जिसके कारण पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। इससे लोगों को पीने, खाना बनाने और अन्य दैनिक कार्यों के लिए गंभीर परेशानी उठानी पड़ी।

आरडब्ल्यूए से जुड़े निवासी गिरीश गोविल ने कहा कि नोएडा प्राधिकरण जल निकासी और पेयजल व्यवस्था पर करोड़ों रुपये खर्च करता है, लेकिन अधिकांश पंपिंग स्टेशनों पर जनरेटर जैसी आवश्यक बैकअप सुविधा उपलब्ध नहीं है। परिणामस्वरूप, बिजली जाते ही पानी की सप्लाई भी बंद हो जाती है। उन्होंने कहा कि आरडब्ल्यूए पहले भी कई बार इस मुद्दे को उठा चुका है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

फेडरेशन ने प्राधिकरण से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्था तत्काल और प्रभावी तरीके से की जाए। साथ ही शहर के सभी पंपिंग स्टेशनों पर जनरेटर या वैकल्पिक बिजली व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, ताकि बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में भी पेयजल आपूर्ति लगातार जारी रह सके। इसके अलावा मानसून के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों की पहले से पहचान कर वहां विशेष निगरानी और अतिरिक्त संसाधन तैनात किए जाने की भी मांग की गई है।

आरडब्ल्यूए का कहना है कि नोएडा जैसे आधुनिक शहर में जलभराव और पेयजल संकट जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान आवश्यक है। यदि जल निकासी व्यवस्था, पंपिंग स्टेशनों की क्षमता और बैकअप सिस्टम को समय रहते मजबूत किया जाता है तो भविष्य में बारिश के दौरान नागरिकों को ऐसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। फेडरेशन ने उम्मीद जताई है कि प्राधिकरण जनहित को ध्यान में रखते हुए उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करेगा।

 

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