Noida Traffic Jam: जाम में फंसी सिटी ई-बसें, मंजिल से पहले ट्रैफिक ने बढ़ाया इंतजार
नोएडा। शहर के प्रमुख मार्गों पर लगातार लग रहे जाम का सीधा असर सिटी ई-बसों के संचालन पर पड़ रहा है। कुलेसरा, सुथ्याना, सूरजपुर टी-प्वाइंट, एलजी गोलचक्कर और अल्फा कॉमर्शियल बेल्ट समेत कई प्रमुख स्थानों पर पीक टाइम में जाम लगने के कारण ई-बसें निर्धारित समय से आधे घंटे से लेकर एक घंटे तक की देरी से चल रही हैं। कई बार यातायात का दबाव अधिक होने पर बसों को गंतव्य तक पहुंचने में करीब दो घंटे तक का समय लग रहा है। इससे यात्रियों के साथ बस चालक और परिचालक भी परेशान हैं।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर क्षेत्र में सिटी ई-बसों का संचालन किया जा रहा है। इन बसों से रोजाना बड़ी संख्या में यात्री अपने काम, पढ़ाई और अन्य जरूरी कार्यों के लिए सफर करते हैं। कम किराया और एसी की सुविधा के कारण लोग इन बसों को सार्वजनिक परिवहन के बेहतर विकल्प के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन प्रमुख मार्गों पर लगने वाले जाम के कारण बसों की समय-सारिणी प्रभावित हो रही है।
कुलेसरा और सुथ्याना में सुबह और शाम के समय स्थिति सबसे ज्यादा खराब रहती है। पीक टाइम में इन दोनों स्थानों को पार करने में ही बसों को 30 मिनट से एक घंटे तक लग जाता है। इसके बाद रास्ते में एलजी गोलचक्कर, सूरजपुर टी-प्वाइंट, अल्फा कॉमर्शियल बेल्ट और परी चौक जैसे स्थानों पर भी यातायात का दबाव मिलने से देरी और बढ़ जाती है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट से परी चौक की ओर जाने वाली ई-बसें भी तिलपता गोल चक्कर के आसपास जाम में फंस जाती हैं। एक स्थान पर लगने वाले जाम का असर आगे पूरे रूट की समय-सारिणी पर पड़ता है। बस के एक चक्कर में देरी होने से उसके अगले फेरे का समय भी प्रभावित हो जाता है। इससे यात्रियों को बस के इंतजार में अधिक समय बिताना पड़ता है और कई बार उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलना पड़ता है।
एक घंटे से अधिक लग रहा समय
यात्री जयवीर ने बताया कि नोएडा से कुलेसरा होते हुए परी चौक जाने में सामान्य स्थिति की तुलना में जाम के कारण काफी अधिक समय लग रहा है। कई बार इस मार्ग पर सफर करने में एक घंटे से ज्यादा समय लग जाता है। उनका कहना है कि इस मार्ग पर किसी भी वाहन से सफर करने पर जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है। हालांकि, सिटी ई-बसों में एसी की सुविधा और अपेक्षाकृत कम किराया होने के कारण यात्रियों को कुछ राहत मिलती है।
सुबह-शाम सबसे ज्यादा परेशानी
सिटी बस चालक रवि चौधरी ने बताया कि उनकी बस नोएडा के सेक्टर-90 से परी चौक के बीच चलती है। सुबह और शाम के समय कुलेसरा और सुथ्याना में अधिकांश समय यातायात का दबाव बना रहता है। जाम के कारण बस को इन दोनों स्थानों को पार करने में ही आधे घंटे से एक घंटे तक का समय लग जाता है। इसके कारण बस के पूरे रूट का समय प्रभावित हो जाता है।
जाम में ही निकल रहा पूरा दिन
बस परिचालक अंशु कुमार के मुताबिक कुलेसरा और सुथ्याना में लगने वाले जाम में बस का काफी समय खराब हो जाता है। इसके बाद यदि एलजी गोल चक्कर, कॉमर्शियल बेल्ट या परी चौक पर भी यातायात फंस जाए तो देरी और बढ़ जाती है। कई बार बसें अपने निर्धारित समय से करीब दो घंटे तक पीछे चलने लगती हैं। इससे यात्रियों को परेशानी होती है और बस कर्मचारियों पर भी समय पर सेवा देने का दबाव बना रहता है।
स्थायी समाधान की मांग
एक्टिव सिटीजन टीम के सदस्य हरेंद्र भाटी का कहना है कि शहर के प्रमुख मार्गों पर जाम की समस्या को दूर करने के लिए पुलिस और प्रशासन से कई बार मांग की जा चुकी है। लगातार लगने वाले जाम से केवल निजी वाहन चालक ही प्रभावित नहीं हो रहे हैं, बल्कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर भी इसका असर पड़ रहा है। सिटी ई-बसें समयबद्ध सार्वजनिक परिवहन का महत्वपूर्ण माध्यम हैं, इसलिए इनके संचालन को प्रभावित करने वाले प्रमुख जाम वाले स्थानों पर स्थायी समाधान की जरूरत है।
यात्रियों का कहना है कि यदि प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था को बेहतर किया जाए और जाम वाले स्थानों पर प्रभावी प्रबंधन किया जाए तो सिटी ई-बसों की यात्रा का समय कम हो सकता है। इससे यात्रियों को समय पर गंतव्य तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी और सार्वजनिक परिवहन पर लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा।

