Noida: नाले गंदे, हर साल सफाई का टेंडर लेकिन जलभराव से नहीं मिल रही राहत
Noida: नाले गंदे, हर साल सफाई का टेंडर लेकिन जलभराव से नहीं मिल रही राहत
नोएडा के सेक्टर-15 के निवासी पिछले 35 वर्षों से जलभराव, गंदे नालों और सीवर जाम जैसी समस्याओं से परेशान हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर साल नालों की सफाई के लिए टेंडर जारी किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सफाई नहीं होने से थोड़ी सी बारिश में पूरा इलाका पानी में डूब जाता है।
आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों के अनुसार सेक्टर का वर्षा जल डीएससी रोड की ओर बने नाले से निकलता है, लेकिन यह नाला अधिकांश समय गंदगी से भरा रहता है। बारिश के दौरान नाले का गंदा पानी उल्टा सेक्टर में भर जाता है, जिससे सड़कें तालाब में बदल जाती हैं और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
निवासियों का कहना है कि सफाई के नाम पर हर वर्ष बजट खर्च होता है, लेकिन नालों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण स्थिति जस की तस बनी हुई है। लोगों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है।
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि सेक्टर में बड़ी संख्या में चल रहे पीजी (पेइंग गेस्ट) आवासों के कारण सीवर व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। कई मकानों में क्षमता से अधिक कमरे बनाए गए हैं, जिससे सीवर लाइनें बार-बार चोक हो जाती हैं।
आरडब्ल्यूए का कहना है कि देर रात तक पीजी में रहने वाले युवक-युवतियों की गतिविधियों के कारण भी स्थानीय परिवारों को असुरक्षा महसूस होती है। बुजुर्गों और महिलाओं के लिए पार्कों और सड़कों पर निकलना भी कठिन हो गया है। निवासियों ने प्रशासन से अवैध पीजी संचालन और सीवर व्यवस्था की जांच कराने की मांग की है।

