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Noida property fraud case: 1.56 करोड़ की रियल एस्टेट डील में धोखाधड़ी का आरोप, कोर्ट के आदेश पर सेक्टर-39 थाने में दर्ज होगा मुकदमा

Noida property fraud case: 1.56 करोड़ की रियल एस्टेट डील में धोखाधड़ी का आरोप, कोर्ट के आदेश पर सेक्टर-39 थाने में दर्ज होगा मुकदमा

नोएडा। रियल एस्टेट सौदे में 1 करोड़ 56 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस को मुकदमा दर्ज कर जांच के निर्देश दिए हैं। द्वितीय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने पीड़ित महेश कुमार पंवार की अर्जी स्वीकार करते हुए सेक्टर-39 थाना को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है।

महेश कुमार पंवार ने अदालत को बताया कि वह मैसर्स महावीर हनुमान डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड और मैसर्स केसरी नंदन प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर/अधिकृत प्रतिनिधि हैं। उनके अनुसार रतन सिंह वर्ष 2008 से 2023 तक कंपनी में कार्यरत रहा और उसे बागपत जिले के गांव सुभानपुर खादर स्थित कृषि भूमि खरीदवाने की जिम्मेदारी दी गई थी।

पीड़ित का आरोप है कि संबंधित भूमि अनुसूचित जाति के काश्तकारों की थी, जिसके कारण कंपनी के नाम सीधे बैनामा कराने में कानूनी अड़चनें थीं। ऐसे में रतन सिंह ने स्वयं को सक्षम प्राधिकारी से अनुमति प्राप्त करने में सक्षम बताते हुए कंपनी के हित में बैनामा कराने का आश्वासन दिया और किसानों से बातचीत कर भूमि विक्रय के लिए सहमति दिलाई।

अदालत में प्रस्तुत विवरण के अनुसार 25 फरवरी 2008 से 24 अगस्त 2012 के बीच नैनीताल बैंक, सेक्टर-50 नोएडा स्थित खाते से रतन सिंह के खाते में कुल 74,80,500 रुपये ट्रांसफर किए गए। इसके अलावा 6 फरवरी 2008 से 16 अगस्त 2012 के बीच भूमि क्रय के लिए 81,19,300 रुपये नकद दिए गए। इस प्रकार कुल 1.56 करोड़ रुपये की राशि रतन सिंह को सौंपी गई।

कंपनी का कहना है कि इस रकम से करीब 45 बीघा कृषि भूमि खरीदी गई, लेकिन विक्रय पत्र रतन सिंह के नाम कराए गए। हालांकि 25 मार्च 2019 को रतन सिंह ने महेश कुमार पंवार के पक्ष में विक्रय संधि, शपथ पत्र और मुख्तारेआम निष्पादित कर यह स्वीकार किया था कि भूमि का पूरा भुगतान कंपनी द्वारा किया गया है और वास्तविक स्वामित्व कंपनी का है।

आरोप है कि बाद में रतन सिंह ने षड्यंत्रपूर्वक 25 मार्च 2019 को कराया गया मुख्तारेआम निरस्त करा दिया और कंपनी से 50 लाख से एक करोड़ रुपये तक की अवैध मांग करने लगा। विरोध करने पर जमीन किसी अन्य को बेचने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

शिकायत के मुताबिक एक भूमि का 7 मई 2024 को मात्र एक लाख रुपये में किसी अन्य व्यक्ति से सौदा कर उसे अपने बेटे मनोज कुमार के नाम हस्तांतरित कर दिया गया, जबकि मूल रजिस्ट्री और दस्तावेज कंपनी के पास सुरक्षित हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं। अब पुलिस को वित्तीय लेनदेन, भूमि दस्तावेजों और संबंधित पक्षों की भूमिका की पड़ताल करनी होगी।

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