Noida medical: नोएडा में बिना पर्चे धड़ल्ले से बिक रहीं एंटीबायोटिक्स, आम बीमारियों में भी दी जा रहीं भारी दवाएं, सेहत पर मंडरा रहा बड़ा खतरा

Noida medical: नोएडा में बिना पर्चे धड़ल्ले से बिक रहीं एंटीबायोटिक्स, आम बीमारियों में भी दी जा रहीं भारी दवाएं, सेहत पर मंडरा रहा बड़ा खतरा

नोएडा और गौतम बुद्ध नगर जिले में बिना डॉक्टर की पर्ची के एंटीबायोटिक्स की खुलेआम बिक्री लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। जिले में रोजाना करीब 25 से 30 लाख रुपये की एंटीबायोटिक्स बिक रही हैं और इनमें से बड़ी संख्या ऐसी दवाओं की है, जिनकी जरूरत मरीजों को होती ही नहीं। सामान्य बुखार, सर्दी-जुकाम और वायरल जैसी बीमारियों में भी मेडिकल स्टोर संचालक बिना किसी जांच या प्रिस्क्रिप्शन के एंटीबायोटिक्स थमा रहे हैं।

ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया कि एक सामान्य बुखार से पीड़ित मरीज जब मेडिकल स्टोर पहुंचा, तो उसे फेनाक प्लस, सिट्रीज़िन 10 एमजी और डेक्सामेथासोन के साथ एमोक्सिसिलिन 250 एमजी जैसी एंटीबायोटिक दे दी गई, जबकि सामान्य बुखार में इस एंटीबायोटिक की कोई जरूरत नहीं थी। इसी तरह एक अन्य मेडिकल स्टोर पर वायरल बुखार के मरीज को निमेसुलाइड, डेक्सामेथासोन और सिट्रीज़िन के साथ एमोक्सिसिलिन 250 एमजी दे दी गई।

गौतम बुद्ध नगर जिले के कई इलाकों में यह स्थिति आम हो चुकी है, जहां रिटेल मेडिकल स्टोर मालिक मामूली बीमारियों में भी एंटीबायोटिक्स देने से नहीं हिचक रहे। एक अन्य मामले में सर्दी-जुकाम से पीड़ित मरीज को लीकॉफ, डाइक्लोफेनाक, डेक्सामेथासोन और एमोक्सिसिलिन 250 एमजी दी गई, जबकि ऐसे मामलों में एंटीबायोटिक्स देने की कोई चिकित्सकीय जरूरत नहीं होती। विशेषज्ञों का कहना है कि वायरल या सामान्य बुखार में एंटीबायोटिक्स देने से न तो बीमारी जल्दी ठीक होती है और न ही इसका कोई फायदा होता है, बल्कि इसके उलट शरीर की इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बिना जरूरत एंटीबायोटिक्स लेने से एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस की समस्या तेजी से बढ़ रही है। इसका मतलब यह है कि जब वास्तव में किसी गंभीर बीमारी में एंटीबायोटिक की जरूरत पड़ती है, तब वही दवाएं असर करना बंद कर देती हैं। इसके अलावा मरीज अक्सर दवा लेने के बाद थोड़ा बेहतर महसूस करते ही एंटीबायोटिक का कोर्स अधूरा छोड़ देते हैं, जिससे अंदरूनी संक्रमण पूरी तरह खत्म नहीं हो पाता और बाद में गंभीर रूप ले लेता है।

जिले में इस समय 2850 रिटेल मेडिकल स्टोर और 815 थोक मेडिकल स्टोर रजिस्टर्ड हैं। जिला ड्रग इंस्पेक्टर जय सिंह का कहना है कि बिना प्रिस्क्रिप्शन दवाएं बेचने की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है और एक विशेष अभियान के तहत सभी मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वहीं गौतम बुद्ध नगर केमिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अनूप खन्ना का कहना है कि मरीजों द्वारा एंटीबायोटिक का पूरा कोर्स न करने से भविष्य में गंभीर परिणाम सामने आते हैं। जब बीमारी दोबारा या गंभीर रूप में उभरती है, तो वही एंटीबायोटिक्स बेअसर हो जाती हैं और मरीज को इसका खामियाजा बड़ी और जटिल बीमारियों के रूप में भुगतना पड़ता है।

नोएडा में जिस तरह से एंटीबायोटिक्स की बेतहाशा और अनियंत्रित बिक्री हो रही है, वह आने वाले समय में एक बड़े स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकती है, अगर इस पर समय रहते सख्त नियंत्रण नहीं किया गया।

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