Noida Investment: यमुना सिटी में विकसित होने वाले एमआरओ हब को मिलेगी नई गति

Noida Investment: यमुना सिटी में विकसित होने वाले एमआरओ हब को मिलेगी नई गति
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के दूसरे चरण में विकसित किए जाने वाले एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयरिंग और ओवरहॉलिंग) हब को नई गति मिलने की संभावना है। यमुना सिटी में सिंगापुर और जापान की कई कंपनियों ने निवेश की इच्छा जताई है, जिससे यह क्षेत्र विमानन, लॉजिस्टिक्स और डेटा सेंटर उद्योग के लिए वैश्विक निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बन रहा है।
बीते दिनों मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में सिंगापुर और जापान दौरे पर गया प्रतिनिधिमंडल निवेशकों से मिला। इस प्रतिनिधिमंडल में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के सीईओ R K Singh भी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने सिंगापुर की प्रमुख विमानन मेंटेनेंस कंपनी एसआईए इंजीनियरिंग से मुलाकात की, जिसने यमुना सिटी में निवेश की इच्छा जताई। इसके साथ ही सिंगापुर एयरपोर्ट टर्मिनल सर्विसेज ने कार्गो हैंडलिंग क्षेत्र में निवेश की सहमति दी।
डेटा सेंटर और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में एसटी टेलीमीडिया ग्लोबल डेटा सेंटर, सिंगापुर मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी और ब्लैक स्टोन जैसी संस्थाओं ने यमुना सिटी में संभावनाओं का आकलन किया। मैपल ट्री लॉजिस्टिक ट्रस्ट ने यहां यूनिट स्थापित करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। जापान दौरे के दौरान जेट्रो ने जापानी इंडस्ट्रियल सिटी विकसित करने में सहयोग की प्रतिबद्धता जताई, जबकि होंडा मोटर कंपनी, सुजुकी मोटर कारपोरेशन और कोबोटा कारपोरेशन सहित अन्य कंपनियों ने निवेश योजनाएं प्रस्तुत कीं।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के दूसरे चरण में 1365 हेक्टेयर क्षेत्र में एमआरओ हब विकसित किया जाना है, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। प्राधिकरण की योजना एमआरओ हब में वैश्विक विमान निर्माता कंपनियों जैसे बोइंग और एयरबस को आकर्षित करने की है, ताकि यहां अत्याधुनिक हैंगर और विमान मरम्मत सुविधाएं स्थापित की जा सकें।
YEIDA सीईओ आरके सिंह ने बताया कि बुनियादी सुविधाओं में सुधार और निवेश-friendly माहौल के कारण यमुना सिटी में निवेश की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। विदेशी निवेशक भी यहां आकर्षित हो रहे हैं और सिंगापुर-जापान दौरा अत्यंत सफल रहा है। आने वाले समय में बड़े निवेश की उम्मीद है, जो यमुना सिटी को विमानन और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करेगा।



