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Noida International Airport Protest: स्थाई नौकरी की मांग को लेकर युवाओं की भूख हड़ताल

Noida International Airport Protest: स्थाई नौकरी की मांग को लेकर युवाओं की भूख हड़ताल

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना से प्रभावित गांवों के युवाओं ने स्थाई रोजगार की मांग को लेकर सोमवार को एयरपोर्ट साइट के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। कई युवाओं ने अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल भी शुरू कर दी। प्रदर्शन कर रहे युवाओं का आरोप है कि उन्हें स्थाई नौकरी देने के बजाय थर्ड पार्टी कंपनियों के माध्यम से कॉन्ट्रैक्ट पर रोजगार का ऑफर दिया जा रहा है, जिससे उन्हें भविष्य में नौकरी जाने का डर बना हुआ है।

जानकारी के अनुसार एयरपोर्ट परियोजना के लिए जमीन देने वाले 14 गांवों के करीब 335 युवाओं ने वर्ष 2019 में मुआवजे के तौर पर मिलने वाले पांच लाख रुपये लेने के बजाय नौकरी का विकल्प चुना था। युवाओं का कहना है कि उस समय उन्हें स्थाई रोजगार का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब जो नियुक्तियां दी जा रही हैं, वे किसी तीसरी कंपनी के कॉन्ट्रैक्ट के जरिए हैं।

प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने बताया कि इसी मुद्दे के कारण उन्होंने पिछले वर्ष 11 सितंबर और दो दिसंबर को आयोजित भर्ती प्रक्रिया का भी बहिष्कार किया था। उनका कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांग को लेकर संबंधित विभागों और जेवर विधायक को पत्र लिख रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

इसी के विरोध में सोमवार को एयरपोर्ट साइट के मुख्य गेट के बाहर युवाओं ने धरना शुरू कर दिया। कई युवक तेज धूप में भूख हड़ताल पर बैठ गए, जिसके चलते दो युवकों की तबीयत भी खराब हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें ओआरएस घोल पिलाकर संभाला, हालांकि इसके बावजूद वे प्रदर्शन में शामिल रहे। युवाओं ने चेतावनी दी है कि जब तक उन्हें स्थाई रोजगार का स्पष्ट आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

इस मामले में R K Singh ने कहा कि जमीन देने वाले युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। एयरपोर्ट में इलेक्ट्रिशियन, कैटरिंग, तकनीकी और अन्य कई प्रकार के कार्यों के लिए अलग-अलग कंपनियों का चयन किया जाएगा और इन्हीं कंपनियों के माध्यम से युवाओं को नौकरी दी जाएगी।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि युवाओं के रोजगार की जिम्मेदारी Noida International Airport Limited की होगी और किसी भी कंपनी को जमीन देने वाले युवाओं को बिना अनुमति के नौकरी से निकालने की अनुमति नहीं होगी।

अधिकारियों के अनुसार एयरपोर्ट के पहले चरण में लगभग 10 लाख यात्रियों की क्षमता के संचालन के लिए करीब 5888 लोगों की जरूरत होगी। अलग-अलग सेवाओं और संचालन के लिए 70 से अधिक कंपनियां काम करेंगी और इन्हीं के माध्यम से स्थानीय युवाओं का चयन किया जाएगा।

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