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Noida industry: टैरिफ, महंगे कच्चे माल और वैश्विक तनाव से नोएडा के निर्यात कारोबार पर गहरा असर

Noida industry: टैरिफ, महंगे कच्चे माल और वैश्विक तनाव से नोएडा के निर्यात कारोबार पर गहरा असर

नोएडा के उद्यमियों के लिए बीता एक वर्ष कई चुनौतियों से भरा रहा है। कारोबार को अपेक्षित गति नहीं मिल पाने के कारण उद्योग जगत में चिंता का माहौल बना हुआ है। अतिरिक्त टैरिफ, कच्चे माल की बढ़ती कीमतें और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे संघर्षों ने व्यापार की स्थिति को कमजोर कर दिया है। इन परिस्थितियों का सीधा असर आयात-निर्यात गतिविधियों पर पड़ा है, जिससे उद्यमियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।

नोएडा से विभिन्न देशों में कपड़ा, ऑटो पार्ट्स, हथकरघा उत्पाद, हस्तशिल्प, कृत्रिम आभूषण और लेदर से जुड़े उत्पादों का बड़े पैमाने पर निर्यात किया जाता है। इन वस्तुओं की सबसे अधिक मांग अमेरिका और यूरोप के बाजारों में रहती है। लेकिन बीते साल अमेरिका द्वारा लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ ने निर्यात लागत को काफी बढ़ा दिया, जिससे व्यापार करना कठिन हो गया।

टैरिफ में कुछ राहत मिलने के बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी, क्योंकि इसी दौरान अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तनाव और युद्ध जैसे हालात बन गए। इसका असर वैश्विक परिवहन और आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ा। कच्चे माल की कीमतों में तेजी आई और शिपमेंट का खर्च भी बढ़ गया। पहले जहां एक कंटेनर के लिए 1200 से 1400 रुपये का खर्च आता था, वहीं यह बढ़कर लगभग 2500 रुपये तक पहुंच गया।

इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर भी समस्याएं सामने आईं। जिले में श्रमिकों ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद सरकार को लगभग 20 प्रतिशत तक वेतन बढ़ाना पड़ा। इससे उत्पादन लागत में और वृद्धि हुई। वहीं, अब उद्योगों को श्रमिकों की कमी का सामना भी करना पड़ रहा है, जिससे उत्पादन प्रभावित हो रहा है।

उद्यमियों का कहना है कि इतनी चुनौतियों के बावजूद उन्हें सरकार की ओर से कोई विशेष राहत या सब्सिडी नहीं मिली। पहले जहां हर साल कारोबार में 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि होती थी, इस बार वृद्धि लगभग ठहर गई है।

सूखे मेवों के कारोबारी भी प्रभावित हुए हैं। ईरान से होने वाला आयात युद्ध के कारण महंगा हो गया है, जिसके चलते अब अन्य देशों से आयात करना पड़ रहा है। इससे बाजार में कीमतें बढ़ रही हैं और उपभोक्ताओं पर भी असर पड़ रहा है।

इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार, समुद्री मार्ग से निर्यात में आ रही बाधाओं के कारण शिपमेंट समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे उद्यमियों को वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है और व्यापारिक विश्वसनीयता भी प्रभावित हो रही है।

कुल मिलाकर, वैश्विक और स्थानीय स्तर की इन सभी समस्याओं ने नोएडा के उद्योगों के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है, जिससे उबरने के लिए ठोस नीति और सहयोग की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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