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Noida:  ई-पंजीकरण के विरोध में अधिवक्ताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल, नोएडा में ठप रही रजिस्ट्री व्यवस्था

ई-पंजीकरण के विरोध में अधिवक्ताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल

Noida:  ई-पंजीकरण के विरोध में अधिवक्ताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल, नोएडा में ठप रही रजिस्ट्री व्यवस्था

 

नोएडा। संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया में प्रस्तावित बदलावों के विरोध में नोएडा के अधिवक्ताओं और डीड राइटर्स ने गुरुवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल के कारण निबंधन विभाग का कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा और पूरे दिन एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी। रजिस्ट्री कराने के लिए पहुंचे लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा, जिससे उन्हें काफी असुविधा का सामना करना पड़ा।

 

जानकारी के अनुसार, शासन स्तर पर संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक डिजिटल और ऑनलाइन बनाने की तैयारी की जा रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत विकास प्राधिकरणों और अन्य सरकारी विभागों को अपनी संपत्तियों, भूखंडों के आवंटन और लीज डीड से संबंधित प्रक्रियाएं अपने कार्यालयों से ही पूरी करने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए निबंधन विभाग द्वारा संबंधित विभागों को लॉगिन आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित की जा सके।

 

हालांकि, सब-लीज और फ्रीहोल्ड संपत्तियों की बिक्री से संबंधित रजिस्ट्रियां पहले की तरह निबंधन विभाग के माध्यम से ही होंगी, लेकिन अधिवक्ताओं और डीड राइटर्स का कहना है कि नई व्यवस्था से उनके कार्यक्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उनका आरोप है कि यह कदम पंजीकरण प्रक्रिया के निजीकरण की दिशा में बढ़ाया गया कदम है, जिससे बड़ी संख्या में डीड राइटर्स और अधिवक्ताओं की आजीविका प्रभावित हो सकती है।

 

इसी विरोध में अधिवक्ताओं और डीड राइटर्स ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। उनका कहना है कि जब तक शासन स्तर से जारी आदेश वापस नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

 

हड़ताल के चलते गुरुवार को निबंधन विभाग कार्यालय में सन्नाटा पसरा रहा। विभागीय कर्मचारी कार्यालय पहुंचे, लेकिन कामकाज शुरू नहीं हो सका। बाद में कार्यालय के गेट भी बंद कर दिए गए। परिणामस्वरूप पूरे दिन एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई और लोगों को अपने जरूरी कार्य अधूरे छोड़कर वापस लौटना पड़ा।

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि हड़ताल लंबे समय तक जारी रहती है तो संपत्ति खरीद-बिक्री और अन्य रजिस्ट्री संबंधी कार्यों पर व्यापक असर पड़ सकता है। वहीं, अधिवक्ताओं ने संकेत दिए हैं कि मांगें पूरी न होने तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

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संवाददाता

Priyanka Singh

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