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Noida Builder Fraud Case: जमीन सौदे में 94 लाख की धोखाधड़ी का आरोप: बिल्डर समेत कई पर केस दर्ज, मारपीट और जान से मारने की धमकी भी शामिल

Noida Builder Fraud Case: जमीन सौदे में 94 लाख की धोखाधड़ी का आरोप: बिल्डर समेत कई पर केस दर्ज, मारपीट और जान से मारने की धमकी भी शामिल

नोएडा। जमीन खरीद-फरोख्त के एक मामले में कथित धोखाधड़ी, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में एक्सप्रेसवे थाना पुलिस ने एक बिल्डर और उसके सहयोगियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई दिल्ली निवासी करतार सिंह अनेजा की ओर से दायर प्रार्थनापत्र पर न्यायालय के आदेश के बाद की गई है। अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच के निर्देश दिए थे।

करतार सिंह अनेजा ने न्यायालय को दिए अपने प्रार्थनापत्र में बताया कि उन्होंने नगला बहारामपुर गांव स्थित करीब छह बीघा जमीन खरीदने के लिए एक बिल्डर कंपनी से सौदा किया था। इस जमीन की कुल कीमत लगभग 94 लाख रुपये तय हुई थी। पीड़ित के अनुसार, उन्होंने पूरी राशि नगद, चेक और एनईएफटी के माध्यम से अदा कर दी थी। 12 मई 2023 को दोनों पक्षों के बीच बिक्री अनुबंध भी संपन्न हुआ।

आरोप है कि पूरी रकम मिलने के बावजूद बिल्डर की ओर से केवल दो बीघा जमीन की ही रजिस्ट्री कराई गई, जबकि शेष चार बीघा जमीन की रजिस्ट्री बाद में कराने का आश्वासन दिया गया। काफी समय बीतने के बाद भी बाकी जमीन की रजिस्ट्री नहीं की गई। जब पीड़ित ने शेष जमीन की रजिस्ट्री या अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने कथित रूप से टालमटोल शुरू कर दी।

प्रार्थनापत्र में यह भी उल्लेख है कि मई 2025 में जब करतार सिंह अपनी खरीदी गई जमीन पर कब्जा लेने पहुंचे, तो वहां मौजूद आरोपियों और कुछ अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट की। आरोप है कि उन्हें जमीन पर गिराकर गला दबाने की कोशिश की गई और गोली मारने की धमकी दी गई। घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन उनका कहना है कि शुरुआती स्तर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया।

पीड़ित ने उच्च अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच करने का आदेश दिया। कोर्ट के निर्देश के बाद एक्सप्रेसवे थाना पुलिस ने डीपीएल बिल्डर के निदेशक पवन कुमार, कमल दत्ता और छह से सात अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच शुरू कर दी गई है। दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और जमीन सौदे से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी। जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला एक बार फिर जमीन खरीद-फरोख्त में पारदर्शिता और कानूनी सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित करता है। निवेशकों और खरीदारों को ऐसे सौदों में दस्तावेजों की पूरी जांच और कानूनी सलाह लेने की जरूरत बताई जा रही है, ताकि भविष्य में विवाद और आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।

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