Noida Authority Vendors: सेक्टर-96 स्थित नए दफ्तर के आसपास कामकाज के लिए जगह की मांग, स्टांप वेंडरों और डीड राइटरों ने सौंपा ज्ञापन
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण का मुख्य दफ्तर सेक्टर-6 से सेक्टर-96 स्थानांतरित होने के बाद स्टांप वेंडरों, डीड राइटरों और दस्तावेज तैयार करने वाले अन्य लोगों के कामकाज पर असर पड़ा है। वेंडरों ने प्राधिकरण के नए दफ्तर के आसपास काम करने के लिए जगह उपलब्ध कराने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने एसीईओ वंदना त्रिपाठी को ज्ञापन सौंपा है।
नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर-96 स्थित नए दफ्तर का शुभारंभ 27 जून 2026 को हुआ था। इससे पहले प्राधिकरण का मुख्य दफ्तर सेक्टर-6 में संचालित होता था।
दफ्तर स्थानांतरित होने के बाद सेक्टर-6 में अब मुख्य रूप से वर्क सर्किल से जुड़े कार्यालय रह गए हैं। आवासीय, औद्योगिक, संस्थागत और भवन समेत संपत्तियों से जुड़े कई विभाग सेक्टर-96 स्थित नए कार्यालय में स्थानांतरित हो चुके हैं।
इन विभागों से जुड़े संपत्ति संबंधी कामों के लिए लोगों को विभिन्न प्रकार के दस्तावेज तैयार कराने पड़ते हैं। इनमें आवेदन-पत्र टाइप कराना, स्टांप लगवाना, शपथ पत्र तैयार कराना और अन्य कानूनी या प्रशासनिक दस्तावेज शामिल हैं।
पहले सेक्टर-6 स्थित प्राधिकरण कार्यालय के आसपास बड़ी संख्या में स्टांप वेंडर और डीड राइटर मौजूद रहते थे। लोग प्राधिकरण से संबंधित दस्तावेज आसानी से वहीं तैयार करा लेते थे।
अब अधिकांश विभाग सेक्टर-96 चले जाने के कारण लोगों का आवागमन भी नए दफ्तर की तरफ बढ़ गया है। इसके चलते सेक्टर-6 में काम करने वाले स्टांप वेंडरों और डीड राइटरों का कारोबार प्रभावित हुआ है।
वेंडरों का कहना है कि प्राधिकरण का मुख्य कामकाज सेक्टर-96 स्थानांतरित होने के बाद उनके पास आने वाले लोगों की संख्या काफी कम हो गई है। इससे उनकी रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ रहा है।
इसी समस्या को लेकर स्टांप वेंडरों और डीड राइटरों ने एसीईओ वंदना त्रिपाठी को ज्ञापन सौंपकर सेक्टर-96 स्थित कार्यालय परिसर या उसके आसपास काम करने के लिए उचित स्थान उपलब्ध कराने की मांग की है।
वेंडरों का कहना है कि यदि उन्हें नए प्राधिकरण कार्यालय के आसपास निर्धारित स्थान उपलब्ध कराया जाता है तो इससे न केवल उनका कामकाज दोबारा सामान्य हो सकेगा, बल्कि प्राधिकरण आने वाले लोगों को भी सुविधा मिलेगी।
फिलहाल सेक्टर-96 स्थित नए कार्यालय के आसपास ऐसी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है जहां लोग तुरंत आवेदन-पत्र या अन्य दस्तावेज टाइप करा सकें।
इसी तरह स्टांप पेपर, शपथ पत्र और संपत्ति से जुड़े अन्य जरूरी कागजात तैयार कराने के लिए भी लोगों को आसपास सुविधा नहीं मिल पा रही है।
ऐसे में प्राधिकरण के काम से पहुंचने वाले लोगों को दस्तावेज तैयार कराने के लिए दूर स्थित सेक्टर-45 सदरपुर मार्केट तक जाना पड़ रहा है।
लोगों को पहले दस्तावेज तैयार कराने के लिए सदरपुर जाना और फिर वापस सेक्टर-96 प्राधिकरण कार्यालय आना पड़ता है। इससे अतिरिक्त समय और परेशानी दोनों का सामना करना पड़ रहा है।
वेंडरों का तर्क है कि प्राधिकरण कार्यालय के पास यदि स्टांप वेंडर और डीड राइटर उपलब्ध होंगे तो आवेदकों को एक ही स्थान पर संबंधित सेवाएं मिल सकेंगी।
इससे संपत्ति संबंधी काम कराने आने वाले लोगों को पत्र, शपथ पत्र, स्टांप और अन्य दस्तावेजों के लिए अलग-अलग स्थानों पर नहीं जाना पड़ेगा।
एसीईओ वंदना त्रिपाठी ने बताया कि वेंडरों की ओर से इस संबंध में ज्ञापन दिया गया है। उनकी मांग पर विचार किया जा रहा है।
अब वेंडरों को उम्मीद है कि प्राधिकरण उनकी समस्या को देखते हुए सेक्टर-96 स्थित नए कार्यालय के आसपास कामकाज के लिए निर्धारित स्थान उपलब्ध कराने पर जल्द फैसला करेगा।


