Noida Authority Action: बरौला जलभराव पर JE बर्खास्त, सुपरवाइजर की सेवा खत्म
नोएडा। ग्राम बरौला में लंबे समय से बनी जलभराव की समस्या और मंगलवार को हुई तेज बारिश के बाद बिगड़े हालात को लेकर नोएडा प्राधिकरण ने कड़ा रुख अपनाया है। जल निकासी व्यवस्था में लापरवाही और विकास कार्यों में शिथिलता को गंभीरता से लेते हुए नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) कृष्णा करुणेश ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सीईओ के आदेश के बाद ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में जूनियर इंजीनियर (जेई) पार्थ राठौड़ और सुपरवाइजर मांगेराम की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। इसके अलावा जलभराव की स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रख पाने के मामले में सिविल प्रबंधक करण सिंह त्यागी और जल एवं सीवर प्रबंधक रमेन्द्र को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।
बरौला गांव में मंगलवार को हुई बारिश के बाद कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई थी। सड़कें और गलियां पानी से भर गईं, जिसके कारण स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। लंबे समय से जल निकासी की समस्या को लेकर स्थानीय स्तर पर शिकायतें भी सामने आती रही हैं।
सभी वर्क सर्किल को अंतिम चेतावनी
सीईओ कृष्णा करुणेश ने प्राधिकरण के सभी वर्क सर्किल के अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जलभराव समेत अन्य मूलभूत समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। भविष्य में यदि किसी क्षेत्र में जल निकासी अथवा अन्य नागरिक सुविधाओं को लेकर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ इससे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कार्यदायी फर्म पर पांच लाख रुपये का जुर्माना
प्राधिकरण ने काम में लापरवाही के लिए कार्यदायी फर्म मैसर्स वर्म इंडिया पर पांच लाख रुपये की पेनाल्टी भी लगाई है। फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी कर यह पूछा गया है कि कार्य में शिथिलता और लापरवाही के लिए उसे ब्लैकलिस्ट क्यों न किया जाए।
प्राधिकरण की इस कार्रवाई के बाद अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों में हड़कंप है। सीईओ ने स्पष्ट किया है कि शहर में जलभराव और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।


