Noida Airport RRTS: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कनेक्टिविटी के लिए गाजियाबाद–जेवर RRTS कॉरिडोर मौजूदा अलाइनमेंट पर ही रहेगा, गुरुग्राम–फरीदाबाद–सूरजपुर कॉरिडोर पूरक लिंक

Noida Airport RRTS: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कनेक्टिविटी के लिए गाजियाबाद–जेवर RRTS कॉरिडोर मौजूदा अलाइनमेंट पर ही रहेगा, गुरुग्राम–फरीदाबाद–सूरजपुर कॉरिडोर पूरक लिंक
नोएडा में गाजियाबाद को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से जोड़ने वाला प्रस्तावित 72 किलोमीटर लंबा रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर अपने वर्तमान अलाइनमेंट पर ही विकसित होगा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस कॉरिडोर में किसी प्रकार के बदलाव या री-डिजाइन का कोई प्रस्ताव नहीं है। यह गाजियाबाद–जेवर RRTS गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास विकसित हो रहे शहरी व औद्योगिक क्षेत्रों के लिए हाई-स्पीड एयरपोर्ट कनेक्टिविटी की रीढ़ माना जा रहा है।
साथ ही, अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि गुरुग्राम के इफ्को चौक से फरीदाबाद होते हुए सूरजपुर तक प्रस्तावित लगभग 60 किलोमीटर लंबा RRTS कॉरिडोर अलग है। यह कॉरिडोर IGI एयरपोर्ट तक बेहतर कनेक्टिविटी के लिए बनाया जा रहा है और इसका उद्देश्य गाजियाबाद–जेवर कॉरिडोर का विकल्प नहीं, बल्कि पूरक लिंक के रूप में कार्य करना है।
नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) द्वारा तैयार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) के अनुसार गाजियाबाद–जेवर RRTS एक एलिवेटेड, इंटीग्रेटेड RRTS-कम-मेट्रो लाइन होगी, जिसकी कुल लंबाई 72.44 किलोमीटर है। इसमें एयरपोर्ट क्षेत्र में 1.1 किमी अंडरग्राउंड सेक्शन भी शामिल है। कॉरिडोर पर कुल 22 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें 11 इंटीग्रेटेड RRTS-कम-मेट्रो स्टेशन और 11 केवल मेट्रो स्टेशन होंगे। भविष्य में 12 अतिरिक्त मेट्रो स्टेशनों के लिए भी प्रावधान रखा गया है। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 20,360 करोड़ रुपये है और निर्माण अवधि लगभग पांच वर्ष निर्धारित की गई है।
कॉरिडोर का अलाइनमेंट गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट के चार मूर्ति चौक, नॉलेज पार्क-5, पुलिस लाइंस, सूरजपुर और अल्फा-1 से गुजरते हुए यमुना सिटी के सेक्टर 18 और 21 होते हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक जाएगा। मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए गाजियाबाद में यह दिल्ली–मेरठ RRTS और रेड लाइन मेट्रो से जुड़ेगा। चार मूर्ति चौक पर प्रस्तावित एक्वा लाइन एक्सटेंशन, अल्फा-1 पर मौजूदा एक्वा लाइन, सूरजपुर पर प्रस्तावित गुरुग्राम–फरीदाबाद–नोएडा RRTS और एयरपोर्ट पर टर्मिनल, पार्किंग एवं हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से सीधा कनेक्शन उपलब्ध होगा।
वहीं, गुरुग्राम–फरीदाबाद–सूरजपुर RRTS कॉरिडोर फिलहाल ड्राफ्ट DPR चरण में है। हरियाणा सरकार और हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन इसके अलाइनमेंट पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। यह कॉरिडोर IGI एयरपोर्ट से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए एक प्रमुख फीडर के रूप में काम करेगा। DPR के अनुसार, RRTS नेटवर्क के माध्यम से IGI एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 से जेवर एयरपोर्ट तक यात्रा का समय लगभग 60–70 मिनट रह सकता है, जो सड़क मार्ग की तुलना में तेज विकल्प होगा।
गौरतलब है कि गाजियाबाद–जेवर RRTS की संशोधित DPR को उत्तर प्रदेश सरकार ने 8 दिसंबर 2025 को मंजूरी दी थी और इसे अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय को भेजा गया। अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा अलाइनमेंट बनाए रखना भूमि अधिग्रहण, स्टेशन प्लानिंग और नेटवर्क इंटीग्रेशन को समय पर पूरा करने के लिए बेहद जरूरी है।





