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New Delhi : मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में 573.41 करोड़ से बनेंगे दो नए हॉस्टल, ईएफसी से मंजूरी

New Delhi : दिल्ली में चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित व्यय वित्त समिति की बैठक में मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज परिसर में छात्र और छात्राओं के लिए दो नए हॉस्टल भवनों के निर्माण को मंजूरी दे दी गई है। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 573.41 करोड़ रुपये तय की गई है।

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सरकार के अनुसार, दोनों हॉस्टलों का निर्माण करीब 36 महीनों में पूरा किया जाएगा। यह परियोजना विद्यार्थियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने और बढ़ती छात्र संख्या के दबाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री ने इसे चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत संरचना को सशक्त बनाने वाला निर्णय बताया।

कॉलेज में पिछले कुछ वर्षों में छात्र संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जहां पहले हर वर्ष 150 छात्रों का प्रवेश होता था, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 250 तक पहुंच गई है। इसके चलते मौजूदा हॉस्टल सुविधाओं पर दबाव बढ़ गया है। कई छात्र साझा कमरों में रहने को मजबूर हैं, जबकि कुछ को हॉस्टल सुविधा नहीं मिल पाती। वर्तमान हॉस्टल भवन 1965 से 1982 के बीच बने थे और अब काफी पुराने हो चुके हैं।

नई योजना के तहत छात्राओं के लिए साइट-ए पर 269.19 करोड़ रुपये की लागत से हॉस्टल बनाया जाएगा, जबकि छात्रों के लिए साइट-बी पर 304.22 करोड़ रुपये की लागत से भवन का निर्माण होगा। परियोजना में बेसमेंट, सुपर-स्ट्रक्चर, सिविल और इलेक्ट्रिकल कार्य शामिल हैं।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह परियोजना पूरी तरह सामाजिक हित में तैयार की गई है। इसका उद्देश्य छात्रों को सुरक्षित और आधुनिक आवास उपलब्ध कराना है, जिससे उनकी पढ़ाई और जीवन स्तर में सुधार हो सके। निर्माण कार्य प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति के छह माह के भीतर शुरू किया जाएगा। योजना के अनुसार छह माह योजना निर्माण और 30 माह निर्माण कार्य के लिए निर्धारित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के अनुरूप कार्य कर रही है, ताकि सरकारी संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें। यह परियोजना न केवल छात्रों को बेहतर आवास उपलब्ध कराएगी, बल्कि दिल्ली के चिकित्सा शिक्षा ढांचे को भी और मजबूत बनाएगी।

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