राज्यदिल्लीराज्य

New Delhi : सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में दिल्ली सरकार की पहल, ईंधन बचत को जन आंदोलन बनाने की अपील

New Delhi : मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की बचत करने और ऊर्जा संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया है। इस अपील को अपनाते हुए दिल्ली सरकार ने विभागीय कार्यों के लिए सरकारी वाहनों के उपयोग को सीमित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि सरकार के सभी कैबिनेट सहयोगी, विधायक, जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों और अधिकारियों ने आवश्यकता के अनुसार न्यूनतम वाहनों का उपयोग शुरू कर दिया है तथा कारपूल और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने दिल्लीवासियों से भी अपील की कि वे ईंधन बचत के लिए अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें और कारपूल को अपनी आदत बनाएं। उन्होंने कहा कि राजधानी में मेट्रो और दिल्ली परिवहन निगम की बसों का व्यापक नेटवर्क उपलब्ध है, जिसकी पहुंच दिल्ली-एनसीआर तक है। ऐसे में यदि अधिक लोग निजी वाहनों के बजाय मेट्रो और बसों का उपयोग करेंगे तो ईंधन की बचत के साथ ट्रैफिक जाम और प्रदूषण दोनों में कमी आएगी।

उन्होंने कहा कि जनभागीदारी की ताकत किसी भी बड़े राष्ट्रीय लक्ष्य को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाती है। कोरोना काल में भी देश ने अनुशासन और सामूहिक जिम्मेदारी की मिसाल पेश की थी। एक बार फिर ऐसा समय है जब प्रत्येक नागरिक का छोटा प्रयास भी देशहित में बड़ा योगदान बन सकता है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि कार्यालय, बाजार और दैनिक यात्राओं के दौरान जहां संभव हो सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें और कारपूलिंग को बढ़ावा दें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली मेट्रो आज दिल्ली-एनसीआर की जीवनरेखा बन चुकी है। वर्तमान में मेट्रो का नेटवर्क 416 किलोमीटर तक फैल चुका है। दिल्ली मेट्रो 303 स्टेशनों और 343 ट्रेनों के साथ प्रतिदिन 4,500 से अधिक फेरे संचालित कर रही है तथा दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और बहादुरगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों के 65 लाख से अधिक यात्रियों को प्रतिदिन सुविधा प्रदान कर रही है। मेट्रो नेटवर्क राजधानी के प्रमुख व्यावसायिक, शैक्षणिक, आवासीय और औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ रहा है, जिससे यात्रा का समय कम हुआ है और प्रदूषण में भी कमी आई है।

उन्होंने बताया कि सरकार लगातार मेट्रो सेवा के बेहतर समन्वय, अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार सार्वजनिक परिवहन को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। वर्तमान में दिल्ली परिवहन निगम की 6,300 सक्रिय बसें संचालित हो रही हैं, जिनमें 4,538 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। इनमें 9 मीटर श्रेणी की 1,593 देवी बसें, 12 मीटर श्रेणी की 2,845 इलेक्ट्रिक बसें और 100 फीडर बसें शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य वर्ष 2026 के अंत तक इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाकर 7,500 करने और वर्ष 2028 तक राजधानी में 14 हजार इलेक्ट्रिक बसें संचालित करने का है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार सार्वजनिक परिवहन को केवल राजधानी तक सीमित नहीं रख रही है, बल्कि एनसीआर क्षेत्र की संपर्क व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है। दिल्ली-रोहतक, सोनीपत, पानीपत, धारूहेड़ा और बड़ौत जैसे मार्गों पर भी डीटीसी की ई-बस सेवाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे यात्रियों को सस्ती, सुगम और पर्यावरण अनुकूल यात्रा सुविधा मिल रही है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ईंधन बचाना केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं बल्कि राष्ट्रहित और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी सामूहिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने दिल्लीवासियों से सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देकर इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

Related Articles

Back to top button