Mechanical Road Sweeping: ग्रेटर नोएडा की सड़कों की सफाई होगी और बेहतर, सेंट्रल और ईस्ट जोन में पांच साल तक मशीनों से होगी सफाई
नोएडा। ग्रेटर नोएडा की सड़कों पर धूल-मिट्टी को नियंत्रित करने और वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए मैकेनिकल रोड स्वीपिंग व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) और आईआईटी रुड़की के सुझाव पर ग्रेटर नोएडा के सेंट्रल और ईस्ट जोन में सड़कों की सफाई अगले पांच वर्षों तक मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों के जरिए कराई जाएगी। दोनों जोन के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने कॉन्ट्रैक्टर का चयन कर लिया है।
नई व्यवस्था में मैकेनिकल स्वीपिंग के लिए आवश्यक मशीनरी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी। इन मशीनों के संचालन, नियमित रखरखाव और अन्य संबंधित कार्यों की जिम्मेदारी चयनित कॉन्ट्रैक्टर की होगी।
सड़कों पर उड़ने वाली धूल एनसीआर में वायु प्रदूषण के प्रमुख कारणों में शामिल है। ऐसे में मैकेनिकल स्वीपिंग के जरिए सड़कों पर जमा धूल और मिट्टी को नियमित रूप से हटाकर वायु गुणवत्ता में सुधार करने का प्रयास किया जाएगा।
प्राधिकरण ने सीएक्यूएम और आईआईटी रुड़की की ओर से दिए गए सुझावों के आधार पर योजना तैयार की है। आईआईटी रुड़की की ओर से तैयार किए गए एस्टीमेट के आधार पर सेंट्रल और ईस्ट दोनों जोन के लिए टेंडर निकाले गए थे।
टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों जोन में सड़कों की मैकेनिकल सफाई के लिए कॉन्ट्रैक्टर का चयन कर लिया गया है। अब चयनित एजेंसियों के माध्यम से पांच वर्षों तक सड़कों की सफाई व्यवस्था संचालित की जाएगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल सड़कों को साफ रखना ही नहीं, बल्कि सड़क किनारे और मुख्य मार्गों पर जमा होने वाली धूल-मिट्टी की मात्रा को कम करना भी है। मशीनों के नियमित इस्तेमाल से वाहनों के आवागमन के दौरान उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सेंट्रल जोन में ग्रेटर नोएडा के कई महत्वपूर्ण सेक्टर और गांव शामिल किए गए हैं। इनमें सेक्टर ईटा-1, डेल्टा-1, डेल्टा-2, डेल्टा-3, केपी-4, जीटा-1 और ईटा-2 शामिल हैं।
इसके अलावा सेंट्रल जोन के तहत बेगमपुर, बोड़ाकी, मकौड़ा, मलकपुर, मुबारकपुर, पाली, साकीपुर और लखनावली सहित आसपास के क्षेत्रों की सड़कों को भी मैकेनिकल स्वीपिंग व्यवस्था में शामिल किया गया है।
ईस्ट जोन का दायरा भी काफी बड़ा रखा गया है। इसमें सेक्टर-36, सेक्टर-37, म्यू-1, ज्यू-1, ज्यू-2, ज्यू-3 और चाई-5 सहित कई सेक्टरों की सड़कों की सफाई मशीनों के जरिए की जाएगी।
ईस्ट जोन के ग्रामीण क्षेत्रों में अस्तौली, डाबरा, चुहड़पुर, घरबरा, घोड़ी-बछेड़ा, जुनपत, जुनैदपुर, घंघोला, देवला, अजायबपुर, अटाई मुरादपुर और दाउदपुर को योजना में शामिल किया गया है।
इसके अलावा खेरली, लड़पुरा, लुक्सर, मायचा, कनारसी, कासना, खानपुर, पौवारी, सलेमपुर गुर्जर, बिरौंडी और बिरौंडा सहित अन्य गांवों की सड़कों पर भी मैकेनिकल स्वीपिंग की व्यवस्था लागू होगी।
इस तरह नई व्यवस्था के दायरे में ग्रेटर नोएडा के शहरी सेक्टरों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्र भी आएंगे। इससे प्रमुख सड़कों और आसपास के क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
प्राधिकरण की ओर से मशीनरी उपलब्ध कराने से सफाई कार्य के लिए आवश्यक उपकरण सुनिश्चित रहेंगे, जबकि कॉन्ट्रैक्टर मशीनों को संचालित करने और उन्हें कार्यशील स्थिति में बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होगा।
पांच वर्ष की अवधि के लिए व्यवस्था लागू होने से मैकेनिकल स्वीपिंग को नियमित और दीर्घकालिक रूप से संचालित किया जा सकेगा। इससे सड़कों पर धूल-मिट्टी के जमाव को कम करने और सफाई की गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
ग्रेटर नोएडा में तेजी से बढ़ते यातायात, निर्माण गतिविधियों और शहरी विस्तार के बीच सड़क की धूल को नियंत्रित करना वायु प्रदूषण से निपटने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मैकेनिकल रोड स्वीपिंग व्यवस्था को मजबूत करने का उद्देश्य इसी चुनौती से निपटना है।
प्राधिकरण को उम्मीद है कि सेंट्रल और ईस्ट जोन में नियमित रूप से मशीनों के जरिए सफाई होने से सड़कें अधिक साफ रहेंगी और धूल-मिट्टी पर नियंत्रण के साथ क्षेत्र की वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाने के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।


