Lung Cancer Awareness: ‘देर होने से पहले कराएं फेफड़ों की जांच’, एम्स ने शुरू किया जागरूकता अभियान
देश में बढ़ते वायु प्रदूषण, सेकेंड हैंड स्मोक और अन्य जोखिमों के कारण फेफड़ों के कैंसर के मामलों में वृद्धि को देखते हुए एम्स दिल्ली ने ‘देर होने से पहले जांच कराएं’ थीम के साथ जागरूकता अभियान शुरू किया है। विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि लक्षणों का इंतजार करने के बजाय समय पर स्क्रीनिंग कराएं, क्योंकि शुरुआती पहचान से इलाज की सफलता कई गुना बढ़ जाती है।
कैंसर विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक शंकर ने बताया कि लगातार खांसी, सीने में दर्द, सांस फूलना, खांसी में खून आना, बिना कारण वजन घटना और बार-बार फेफड़ों में संक्रमण जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन, सेकेंड हैंड स्मोक, वायु प्रदूषण, हानिकारक रसायनों का संपर्क, पारिवारिक इतिहास और पुरानी फेफड़ों की बीमारियां कैंसर का खतरा बढ़ाती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार 50 से 80 वर्ष आयु वर्ग के वे लोग जिन्होंने 20 पैक-ईयर या उससे अधिक धूम्रपान किया है या पिछले 15 वर्षों में धूम्रपान छोड़ा है, उन्हें हर वर्ष लो-डोज सीटी (एलडीसीटी) स्क्रीनिंग करानी चाहिए।
एम्स के बीआरए-आईआरसीएच में ऐसे लोगों के लिए प्रत्येक बुधवार को कमरा नंबर 59 तथा शनिवार को कमरा नंबर 4 में सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक स्क्रीनिंग पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है।
