Laxmi Nagar: दिल्ली के लक्ष्मी नगर में दिनदहाड़े गुंडागर्दी, थार से टक्कर मारकर बाप-बेटे की बेरहमी से पिटाई, CCTV वीडियो वायरल
रिपोर्ट: रवि डालमिया
दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने राजधानी की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 2 जनवरी को दिनदहाड़े बीच सड़क पर खुलेआम गुंडागर्दी का नजारा देखने को मिला, जहां दबंग बदमाशों ने पहले थार गाड़ी से टक्कर मारने की कोशिश की और फिर अपने साथियों के साथ मिलकर एक बाप-बेटे की बेरहमी से पिटाई कर दी। इस पूरी घटना का CCTV वीडियो सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों को झकझोर कर रख दिया है।
CCTV फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि आरोपी पहले पीड़ित युवक को उसके घर से जबरन बाहर खींचते हैं और फिर उसे सड़क पर घसीटते हुए ले जाते हैं। पीड़ित की चीख-पुकार के बावजूद आरोपी लगातार मारपीट करते रहे। यह पूरी घटना रिहायशी इलाके में हुई, जहां आसपास कई लोग मौजूद थे, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि किसी ने भी पीड़ित को बचाने की हिम्मत नहीं दिखाई। वीडियो में आगे दिखता है कि दबंगों ने युवक को सड़क पर नंगा कर दिया और फिर बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। आरोपी लात-घूंसे और थप्पड़ों से लगातार हमला करते रहे, जबकि सड़क पर मौजूद लोग तमाशबीन बने रहे। किसी ने भी बीच-बचाव करने की कोशिश नहीं की।
वीडियो में पीड़ित की बेबसी और आरोपियों की दबंगई साफ नजर आती है। पीड़ित की मां ने आरोप लगाते हुए बताया कि यह उनकी संपत्ति है और जब तक पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक आरोपी थार गाड़ी में आ चुका था। उन्होंने बताया कि आरोपी ने थार से उनके पति को टक्कर मारने की कोशिश की, जिससे दीवार टूट गई। जब उन्होंने अपने पति को बचाने की कोशिश की तो पहले आरोपियों ने उनके पति को पीटा और फिर सड़क पर फेंक दिया। पीड़ित परिवार का कहना है कि बदमाशों ने उनकी प्रॉपर्टी पर अवैध कब्जा कर रखा था और जिम खाली करने का नोटिस देने के बाद इस हमले को अंजाम दिया गया।
पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन कई आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं। मामले में राजनीतिक संबंधों की भी चर्चा सामने आ रही है। आरोपियों में पिंटू यादव, विकास यादव, शुभम यादव, ओमकार यादव और मधुर के नाम सामने आए हैं। पीड़ित परिवार और इलाके के लोग अब भी इन दबंगों से डरे हुए हैं और उन्हें दोबारा हमले का खतरा सता रहा है। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।



