Delhi Police Good Work: बहन की शादी के लिए जोड़े 3 लाख रुपये ऑटो में भूला युवक, गांधी नगर पुलिस ने CCTV खंगालकर डेढ़ घंटे में लौटाया बैग
रिपोर्ट: रवि डालमिया
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के गांधी नगर इलाके में पुलिस की तत्परता से एक परिवार की शादी की खुशियां फीकी पड़ने से बच गईं। उत्तर प्रदेश के बहराइच से बहन की शादी के लिए खरीदारी करने दिल्ली आए मोहम्मद रहीम का तीन लाख रुपये नकद से भरा बैग ऑटो में छूट गया। बैग में परिवार द्वारा शादी की खरीदारी के लिए जुटाई गई रकम रखी थी। शिकायत मिलने के बाद गांधी नगर थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और करीब डेढ़ घंटे के भीतर ऑटो का पता लगाकर बैग बरामद कर लिया। पूरी रकम सुरक्षित मिलने के बाद पुलिस ने तीन लाख रुपये शिकायतकर्ता को वापस सौंप दिए।
पुलिस के मुताबिक, घटना 31 अगस्त 2026 की है। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के पुरैनी निवासी मोहम्मद रहीम अपनी बहन की शादी के लिए कपड़े और अन्य सामान खरीदने दिल्ली आए थे। परिवार ने शादी की खरीदारी के लिए तीन लाख रुपये की रकम जुटाई थी, जिसे रहीम अपने साथ बैग में लेकर आए थे।
दिल्ली पहुंचने के बाद रहीम जामा मस्जिद इलाके में बस से उतरे। यहां से उन्होंने गांधी नगर जाने के लिए एक ऑटो लिया। गांधी नगर पहुंचने पर वह ऑटो से उतर गए, लेकिन जल्दबाजी में नकदी से भरा अपना बैग ऑटो में ही भूल गए।
कुछ समय बाद रहीम को बैग अपने पास नहीं होने का अहसास हुआ। बैग में तीन लाख रुपये होने के कारण उनके होश उड़ गए। यह रकम उनकी बहन की शादी से जुड़ी खरीदारी के लिए रखी गई थी। ऑटो का नंबर या चालक के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं होने के कारण बैग तलाशना उनके लिए मुश्किल था।
रहीम ने बिना समय गंवाए गांधी नगर थाने पहुंचकर पुलिस को घटना की जानकारी दी। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह अपनी बहन की शादी के लिए खरीदारी करने आए थे और उनका तीन लाख रुपये नकद से भरा बैग ऑटो में छूट गया है।
मामला परिवार की शादी और बड़ी रकम से जुड़ा होने के कारण गांधी नगर थाना पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लिया। पुलिस टीम ने ऑटो की पहचान करने के लिए तत्काल तकनीकी और स्थानीय स्तर पर जांच शुरू कर दी।
शाहदरा के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद गांधी नगर थाने की क्रैक टीम को मामले में लगाया गया। टीम ने उस स्थान और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज देखनी शुरू की, जहां रहीम ऑटो से उतरे थे।
इसके बाद पुलिस ने ऑटो के संभावित रूट की पहचान की। जामा मस्जिद से गांधी नगर तक और उसके आगे संभावित रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज को खंगाला गया। पुलिसकर्मियों ने अलग-अलग कैमरों में दिखाई दे रहे ऑटो का मिलान करना शुरू किया।
CCTV फुटेज की मदद से पुलिस को ऑटो के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। पुलिस टीम ने लगातार फुटेज का पीछा करते हुए संबंधित ऑटो की पहचान कर ली। इसके बाद ऑटो तक पहुंचने के लिए आगे की कार्रवाई की गई।
डीसीपी के मुताबिक, पुलिस की क्रैक टीम ने करीब एक से डेढ़ घंटे के भीतर उस ऑटो को ढूंढ निकाला, जिसमें रहीम अपना बैग भूल गए थे। ऑटो मिलने के बाद पुलिस ने उसमें मौजूद बैग को बरामद किया।
बैग की जांच करने पर उसमें तीन लाख रुपये की नकदी सुरक्षित मिली। पूरी रकम बरामद होने के बाद पुलिस ने शिकायतकर्ता से संपर्क किया और आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की।
इसके बाद तीन लाख रुपये से भरा बैग मोहम्मद रहीम को सुरक्षित वापस सौंप दिया गया। अपनी बहन की शादी के लिए जुटाई गई पूरी रकम वापस मिलने के बाद रहीम और उनके परिवार ने राहत महसूस की।
पुलिस की इस कार्रवाई में CCTV कैमरे सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुए। ऑटो के बारे में शुरुआती स्तर पर सीमित जानकारी होने के बावजूद पुलिस ने संभावित रूट पर लगे कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया और एक से डेढ़ घंटे के भीतर संबंधित वाहन तक पहुंच गई।
मोहम्मद रहीम के लिए तीन लाख रुपये की यह रकम केवल नकदी नहीं थी, बल्कि उनकी बहन की शादी की तैयारियों से जुड़ी थी। परिवार ने शादी के लिए यह रकम जुटाई थी और इसके अचानक गायब होने से उनके सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती थी।
गांधी नगर पुलिस की तत्परता के कारण रकम सुरक्षित वापस मिल गई। पुलिस टीम ने शिकायत मिलने और ऑटो की पहचान के बीच समय बर्बाद नहीं किया, जिससे वाहन को जल्द ट्रेस करने में मदद मिली।
डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि 31 अगस्त को शिकायत मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच शुरू की गई थी। क्रैक टीम ने CCTV कैमरों और संभावित रूट की जांच की और करीब एक से डेढ़ घंटे में ऑटो तलाश लिया।
ऑटो में बैग सुरक्षित मिलने के बाद उसमें रखी नकदी की जांच की गई। बैग में तीन लाख रुपये पूरे पाए गए, जिन्हें शिकायतकर्ता मोहम्मद रहीम को वापस कर दिया गया।
इस पूरी घटना ने सार्वजनिक वाहनों में सफर करते समय अपने सामान को लेकर सतर्क रहने की जरूरत भी सामने रखी है। जल्दबाजी में ऑटो, टैक्सी या बस से उतरते समय सामान वहीं छूट जाने की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। ऐसे मामलों में तत्काल पुलिस को सूचना देना और वाहन से संबंधित उपलब्ध जानकारी साझा करना सामान तलाशने में मददगार हो सकता है।
फिलहाल गांधी नगर पुलिस की तेज कार्रवाई से मोहम्मद रहीम को उनकी बहन की शादी के लिए जुटाए गए तीन लाख रुपये वापस मिल गए हैं। CCTV फुटेज के जरिए महज करीब डेढ़ घंटे में ऑटो तलाशकर पूरी रकम लौटाए जाने के बाद रहीम और उनके परिवार ने दिल्ली पुलिस का आभार जताया।


