Cyber Fraud: व्हाट्सऐप लिंक पर क्लिक करना पड़ा भारी, पांच महीने में 22.32 लाख रुपये की ठगी
नोएडा। व्हाट्सऐप पर आए एक संदिग्ध लिंक पर क्लिक करना गाजियाबाद के 52 वर्षीय व्यक्ति को भारी पड़ गया। आरोप है कि साइबर ठगों ने उन्हें डराकर और अलग-अलग तरीकों से झांसे में लेकर करीब पांच महीने के दौरान अलग-अलग किस्तों में कुल 22.32 लाख रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए।
गाजियाबाद के प्रताप विहार निवासी सतीश दीक्षित ने साइबर क्राइम थाना पुलिस को शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि एक सितंबर 2024 को उनके मोबाइल पर एक लिंक आया था। उन्होंने लिंक पर क्लिक किया, जिसके बाद ठगों ने उनसे संपर्क किया। शिकायत के अनुसार इसके बाद आरोपियों ने लगातार धमकाकर और दबाव बनाकर उनसे अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर कराए।
पीड़ित के मुताबिक पांच और छह सितंबर को उनसे 1.30 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए। इसके बाद 16 से 19 सितंबर के बीच 3.30 लाख रुपये, 30 सितंबर को 12.70 लाख रुपये और 19 अक्तूबर को 4.99 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में भेजे गए। इस तरह ठगी की कुल रकम 22.32 लाख रुपये तक पहुंच गई।
ठगी का पता चलने के बाद पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन और एनसीईआरपी पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस और संबंधित बैंकों की ओर से लेनदेन की जांच शुरू की गई। कार्रवाई के दौरान करीब 1.84 लाख रुपये फ्रीज कराए जा सके।
हालांकि, फ्रीज की गई रकम में से अभी तक केवल 9,500 रुपये ही पीड़ित के खाते में वापस आ सके हैं। बाकी रकम अब भी फंसी हुई है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और लेनदेन का विवरण खंगालना शुरू कर दिया है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रकम किन-किन खातों में भेजी गई और इन खातों के पीछे कौन लोग हैं। साथ ही ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबर, लिंक और अन्य डिजिटल माध्यमों की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार फ्रीज कराई गई शेष राशि को पीड़ित को वापस दिलाने की प्रक्रिया जारी है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल और व्हाट्सऐप पर आने वाले अनजान लिंक पर क्लिक न करें। किसी भी संदिग्ध संदेश या लिंक के जरिए व्यक्तिगत, बैंकिंग या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल शिकायत करना जरूरी है, ताकि रकम को समय रहते फ्रीज कराने की संभावना बढ़ सके।


