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Jan Aushadhi Initiative: सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं के लिए केंद्र का बड़ा कदम, गुणवत्ता जांच और रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा

Jan Aushadhi Initiative: सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं के लिए केंद्र का बड़ा कदम, गुणवत्ता जांच और रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा

नई दिल्ली, 24 अप्रैल: देशभर में सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने एक अहम पहल की है। इस दिशा में भारतीय फार्माकोपिया आयोग (IPC) ने फार्मास्युटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेस ब्यूरो ऑफ इंडिया (PMBI) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च हाजीपुर (NIPER Hajipur) के साथ दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों का उद्देश्य दवाओं की गुणवत्ता, निगरानी और अनुसंधान को मजबूत करना है।

पहले समझौते के तहत IPC और PMBI मिलकर प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्रों पर उपलब्ध दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करेंगे। इसके लिए जनऔषधि दवाओं के रैंडम सैंपल लेकर उन्हें परीक्षण के लिए IPC भेजा जाएगा। साथ ही नेशनल फॉर्मुलरी ऑफ इंडिया के उपयोग को बढ़ावा देकर दवाओं के तर्कसंगत इस्तेमाल को सुनिश्चित किया जाएगा।

फार्माकोविजिलेंस को मजबूत करने के लिए जनऔषधि केंद्रों पर क्यूआर कोड और टोल-फ्री हेल्पलाइन भी प्रदर्शित की जाएगी, जिससे मरीज दवाओं के संभावित दुष्प्रभावों की आसानी से रिपोर्ट कर सकेंगे। इससे दवा सुरक्षा और पारदर्शिता दोनों को बढ़ावा मिलेगा।

दूसरे समझौते के तहत IPC और NIPER हाजीपुर के बीच शोध, अकादमिक सहयोग और क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसमें जीनोटॉक्सिक अशुद्धियों पर अध्ययन, बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के गुणवत्ता मानक विकसित करना, और सेल व जीन थेरेपी जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए फार्माकोपियल मानकों को मजबूत करना शामिल है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से न केवल दवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि फार्मा रिसर्च और नवाचार को भी नई दिशा मिलेगी। साथ ही, आम जनता को सस्ती और सुरक्षित दवाएं उपलब्ध कराने के सरकार के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी।

 

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संवाददाता

Priyanka Singh

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