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IPL Auction 2026: आईपीएल नीलामी 2026 में अनकैप्ड खिलाड़ियों का जलवा, करोड़ों की बारिश ने बदली टी20 क्रिकेट की सोच

IPL Auction 2026: आईपीएल नीलामी 2026 में अनकैप्ड खिलाड़ियों का जलवा, करोड़ों की बारिश ने बदली टी20 क्रिकेट की सोच

आईपीएल नीलामी 2026 ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय क्रिकेट में अब नई पीढ़ी का दौर पूरी तरह से शुरू हो चुका है। इस बार नीलामी में अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ियों पर जमकर पैसा बरसा और कई युवा खिलाड़ी रातों-रात करोड़पति बन गए। भले ही दर्शकों और प्रशंसकों के लिए इतनी बड़ी रकम चौंकाने वाली रही हो, लेकिन नीलामी कक्ष के अंदर मौजूद फ्रेंचाइजी अधिकारियों और कोचिंग स्टाफ के लिए यह कोई अप्रत्याशित घटना नहीं थी।

चेन्नई सुपर किंग्स के मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने नीलामी के बाद टी20 क्रिकेट के बदलते स्वरूप पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि अब ऐसा लगता है जैसे टी20 क्रिकेट का असली रूप सामने आ रहा है। फ्लेमिंग के अनुसार, पहले यह माना जाता था कि अनुभव ही टी20 मुकाबले जिताता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में तस्वीर तेजी से बदली है। अब ऐसे युवा खिलाड़ी उभर रहे हैं जो टी20 क्रिकेट खेलते हुए ही बड़े हुए हैं, निडर हैं और जिनका स्किल लेवल बेहद ऊंचा है।

इस नीलामी की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि सीमित संख्या में उपलब्ध स्थापित विदेशी खिलाड़ियों के मुकाबले घरेलू अनकैप्ड खिलाड़ियों की मांग कहीं ज्यादा दिखी। इसका नतीजा यह हुआ कि नौ घरेलू अनकैप्ड खिलाड़ी करोड़पति क्लब में शामिल हुए, जिनमें से तीन खिलाड़ियों पर 90 लाख रुपये से ज्यादा की बोली लगी। यह साफ संकेत है कि फ्रेंचाइजी अब भविष्य की टीम तैयार करने पर ज्यादा भरोसा कर रही हैं।

फ्लेमिंग का मानना है कि नई पीढ़ी के खिलाड़ियों की सबसे बड़ी ताकत उनका बेखौफ रवैया है। उन्होंने कहा कि ये खिलाड़ी उस माहौल की चिंता नहीं करते, जिसमें उन्हें प्रदर्शन करना है। वे सिर्फ अपने खेल पर ध्यान देते हैं और पूरी आजादी के साथ मैदान पर उतरते हैं। वहीं, कई बार अनुभवी खिलाड़ी खेल को जरूरत से ज्यादा सोचने में उलझ जाते हैं, जबकि युवा खिलाड़ी सरलता और आक्रामकता के साथ खेलते हैं।

टी20 क्रिकेट की बढ़ती रफ्तार में यह बदलाव स्वाभाविक माना जा रहा है। फ्लेमिंग के मुताबिक, युवा खिलाड़ी सिर्फ एक ही अंदाज जानते हैं और वही उनकी पहचान बनता जा रहा है। यही वजह है कि फ्रेंचाइजी भी अब इस आजादी और आक्रामकता को महत्व देने लगी हैं।

इस बदलाव की अगुवाई चेन्नई सुपर किंग्स करती नजर आई। एक समय अनुभव पर अत्यधिक भरोसे के कारण ‘डैड्स आर्मी’ कहे जाने वाली सीएसके ने इस बार बड़ा संदेश दिया। फ्रेंचाइजी ने प्रशांत वीर और कार्तिक शर्मा जैसे युवा अनकैप्ड खिलाड़ियों पर कुल मिलाकर 14.20 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए। ये दोनों खिलाड़ी अब आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे अनकैप्ड खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं, जिसने पूरे क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा है।

अन्य फ्रेंचाइजियों ने भी इसी सोच के साथ कदम बढ़ाए। दिल्ली कैपिटल्स के मुख्य कोच हेमांग बदानी ने जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज औकिब नबी को साइन करने के लिए जोरदार कोशिश की। बदानी ने कहा कि जब किसी खिलाड़ी के लिए फ्रेंचाइजी इतनी ऊंची बोली लगाती हैं, तो इसका मतलब है कि उस खिलाड़ी में कुछ खास है। उन्होंने यह भी कहा कि 12 या 14 करोड़ रुपये खर्च करने का फैसला यूं ही नहीं लिया जाता, बल्कि इसके पीछे एक बड़ी योजना और भविष्य की तस्वीर होती है।

आईपीएल 2026 की नीलामी ने साफ कर दिया है कि घरेलू प्रतिभाओं की मांग आने वाले समय में और बढ़ने वाली है। अनकैप्ड खिलाड़ियों पर बढ़ता भरोसा न सिर्फ टीमों की रणनीति को बदल रहा है, बल्कि टी20 क्रिकेट के भविष्य की दिशा भी तय कर रहा है। अब आईपीएल सिर्फ स्टार खिलाड़ियों का मंच नहीं रहा, बल्कि यह युवा भारतीय क्रिकेटरों के सपनों को उड़ान देने वाला सबसे बड़ा मंच बन चुका है।

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