Indian Navy training: भारतीय नौसेना का प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन दक्षिण पूर्व एशिया के लिए रवाना, सिंगापुर और थाईलैंड समेत प्रमुख बंदरगाहों का दौरा

Indian Navy training: भारतीय नौसेना का प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन दक्षिण पूर्व एशिया के लिए रवाना, सिंगापुर और थाईलैंड समेत प्रमुख बंदरगाहों का दौरा
नई दिल्ली, 7 जनवरी: भारतीय नौसेना का प्रथम प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1टीएस) 110वें एकीकृत अधिकारी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम (आईओटीसी) के अंतर्गत दक्षिण पूर्व एशिया में लंबी दूरी की प्रशिक्षण तैनाती पर रवाना हो गया। इस स्क्वाड्रन में आईएनएस तिर, आईएनएस शार्दुल, आईएनएस सुजाता और भारतीय तटरक्षक जहाज आईसीजीएस सारथी शामिल हैं।
इस दीर्घकालीन प्रशिक्षण यात्रा के दौरान स्क्वाड्रन सिंगापुर, इंडोनेशिया और थाईलैंड के प्रमुख बंदरगाहों का दौरा करेगा। इसका उद्देश्य अधिकारी प्रशिक्षुओं को व्यापक परिचालन अनुभव प्रदान करना और अंतर-सांस्कृतिक समझ विकसित करना है। यह तैनाती भारत की ‘एक्ट ईस्ट नीति’ और स्वतंत्र, खुले एवं समावेशी हिंद महासागर क्षेत्र के दृष्टिकोण के अनुरूप दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के साथ समुद्री भागीदारी को मजबूत करेगी। इसके साथ ही यह प्रशिक्षण उत्कृष्टता और समुद्री कूटनीति को और आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।
तैनाती के दौरान मेजबान देशों की नौसेनाओं और समुद्री एजेंसियों के साथ पेशेवर संवाद, संरचित प्रशिक्षण आदान-प्रदान, क्रॉस-डेक भ्रमण, विषय विशेषज्ञों के साथ बातचीत और संयुक्त समुद्री अभ्यास आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों का उद्देश्य अंतर्संचालनीयता, पारस्परिक विश्वास और सहयोग को बढ़ाना है।
110वें आईओटीसी में छह अंतरराष्ट्रीय अधिकारी प्रशिक्षुओं की भागीदारी भारतीय नौसेना की क्षमता निर्माण और मित्र राष्ट्रों के साथ प्रशिक्षण सहयोग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। साथ ही, भारतीय सेना और वायु सेना के कर्मियों की सहभागिता से संयुक्तता और सामंजस्य और अधिक मजबूत होगा, जो देश की समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग को और सुदृढ़ करेगा।





