Haryana Kaushal Rozgar Nigam: विपक्ष को हरियाणा कौशल रोजगार निगम का हो गया है ‘फोबिया’ – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

Haryana Kaushal Rozgar Nigam: विपक्ष को हरियाणा कौशल रोजगार निगम का हो गया है ‘फोबिया’ – मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

रिपोर्ट :कोमल रमोला

चंडीगढ़, 31 अगस्त – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि विपक्ष को निगम का ‘फोबिया’ हो गया है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्ष के लिए HKRN का मतलब है—‘हाय, काला राज नहीं लाए’। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम नियमित भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों, इसके लिए बनाई गई एक पारदर्शी और व्यवस्थित वैकल्पिक व्यवस्था है।

मुख्यमंत्री सोमवार को हरियाणा विधानसभा में हरियाणा कौशल रोजगार निगम के संबंध में लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदन में बोल रहे थे।

भर्ती रोको गैंग द्वारा भर्तियों को अदालत में ले जाने से प्रक्रिया में होता है विलंब

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभागों द्वारा रिक्तियां हरियाणा लोक सेवा आयोग और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को भेजी जाती हैं और उसके बाद संबंधित आयोग निर्धारित प्रक्रिया के तहत विज्ञापन जारी कर भर्ती करता है। उन्होंने कहा कि बड़े दुख की बात है कि सरकार चाहे भर्ती हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से करे या हरियाणा लोक सेवा आयोग के माध्यम से, भर्ती रोकने वाले भर्ती रोको गैंग के लोग उसे अदालत में ले जाने का प्रयास करते हैं। इसके बाद न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने में समय लगता है और भर्ती प्रक्रिया भी लंबी हो जाती है।

श्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में घोषित एक भर्ती परिणाम का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस दिन परिणाम आया, उसके अगले दिन उनका पुनहाना में कार्यक्रम था। उन्होंने यह जानने के लिए परिणाम देखा कि पुनहाना के कितने युवाओं का चयन हुआ है। परिणाम देखने पर पता चला कि अकेले पुनहाना शहर के 29 युवाओं का चयन हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी पारदर्शिता के आधार पर काम कर रही है। आज प्रदेश के युवाओं का विश्वास और हौसला बढ़ा है तथा उनके माता-पिता में भी यह भरोसा मजबूत हुआ है कि उनके बच्चों को योग्यता के आधार पर अवसर मिलेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने युवाओं में यह विश्वास कायम किया है।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष द्वारा हरियाणा कौशल रोजगार निगम को बंद करने की मांग पर कहा कि वे उन गरीब परिवारों की खुशी नहीं देख पा रहे हैं, जिनके बच्चों को रोजगार मिलने से उनके घरों में रोशनी आई है।

अपने शासनकाल में कर्मचारियों के शोषण से आंखें न मूंदे विपक्ष

गेस्ट टीचर्स के साथ अन्याय का विषय उठाए जाने पर मुख्यमंत्री ने श्री अशोक अरोड़ा से कहा कि उन्हें अपने शासनकाल की परिस्थितियों से आंखें नहीं मूंदनी चाहिए। उस समय कर्मचारियों का कितना शोषण होता था, इसका पूरा विवरण सदन के सामने रखा गया है। उन्होंने कहा कि पहले कर्मचारियों को मिलने वाली राशि में से भी पैसे काट लिए जाते थे और उनकी कोई सुनवाई नहीं होती थी। वर्तमान सरकार में कर्मचारियों का पैसा सीधे उनके बैंक खातों में जा रहा है।

गरीब व्यक्ति विपक्ष के लिए है वोट बैंक, जबकि सरकार के लिए है सिर का ताज

मुख्यमंत्री ने आय के आधार पर अंक दिए जाने के विषय पर कहा कि सरकार की सोच हमेशा गरीब परिवार को आगे लाने की रही है। ग्रुप-डी की भर्ती में ऐसे गरीब परिवार के अभ्यर्थी के लिए पांच अतिरिक्त अंक का मानदंड बनाया गया था, जिसके परिवार में कोई सरकारी नौकरी नहीं थी। उन्होंने कहा कि इस प्रावधान को अदालत में चुनौती दिए जाने के बाद सरकार को पांच अतिरिक्त अंक का लाभ वापस लेना पड़ा और मंत्रिमंडल में इस संबंध में निर्णय लिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब व्यक्ति सरकार के सिर का ताज है। सरकार उस गरीब मां और पिता की उम्मीद को समझती है, जो आस लगाए बैठा है कि उसके बच्चे को भी अवसर मिले और उसके घर में भी उजाला हो। इसी सोच के साथ हरियाणा कौशल रोजगार निगम की व्यवस्था में आय के आधार पर वेटेज दिया गया है।

हरियाणा कौशल रोजगार निगम में आरक्षण प्रावधानों का किया पालन

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष द्वारा यह विषय भी उठाया गया कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम में आरक्षण नहीं है और निगम को बंद कर देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निगम की स्थापना के बाद तैनाती प्रक्रिया को पूरी तरह नियम आधारित, व्यवस्थित और निर्धारित मानदंडों से जोड़ा गया है। हरियाणा सरकार द्वारा जारी नियमों, नीतियों और निर्देशों के अनुसार आरक्षण संबंधी प्रावधानों को तैनाती प्रक्रिया में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से 28,350 नए कर्मचारी लगाए गए हैं। इनमें लेवल-एक के 4,548, लेवल-दो के 9,577 तथा लेवल-तीन के 14,225 कर्मचारी शामिल हैं। इन 28,350 कर्मचारियों में अनुसूचित जाति वर्ग के 6,788 कर्मचारी हैं, जो निर्धारित 20 प्रतिशत हिस्सेदारी के मुकाबले 23.94 प्रतिशत हैं। इसी प्रकार पिछड़ा वर्ग के 8,128 कर्मचारी हैं, जो निर्धारित 27 प्रतिशत हिस्सेदारी के मुकाबले 28.67 प्रतिशत हैं। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि आरक्षण प्रावधानों का पालन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि सरकार संविदा कर्मचारियों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और जहां कहीं कोई व्यावहारिक कठिनाई सामने आएगी, उसका समाधान नियमों के अनुसार किया जाएगा।

आज किसी बंद कमरे में या व्यक्तिगत सिफारिश के आधार पर तैनाती नहीं होती, पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आरोप पूरी तरह निराधार है कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम में रिक्तियों का उचित विज्ञापन नहीं होता अथवा यह पता नहीं चलता कि कितने पद रिक्त हैं।

Hot this week

Mathura : अयोध्या-काशी की तर्ज पर संवरेगा ब्रज- सीएम योगी

Mathura : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या...

Lucknow : शिक्षकों के सम्मान में सभी वन प्रभाग लगाएंगे ‘एक पेड़ गुरु के नाम’

Lucknow : योगी सरकार ने एक तरफ पौधरोपण महायज्ञ-2026...

Topics

Mathura : अयोध्या-काशी की तर्ज पर संवरेगा ब्रज- सीएम योगी

Mathura : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img