
HIV Control: 2027 तक एड्स महामारी पर काबू का लक्ष्य, दिल्ली-हरियाणा में अभियान तेज
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश में एचआईवी-एड्स नियंत्रण को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन के माध्यम से दिल्ली में ‘सुरक्षा संकल्प कार्यशाला’ का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य दिल्ली और हरियाणा में जिला स्तर पर एचआईवी रोकथाम अभियान को और तेज करना है, ताकि संक्रमण के मामलों को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सके।
सरकार ने देशभर में 219 जिलों को एचआईवी नियंत्रण के लिए प्राथमिकता वाले जिलों के रूप में चिन्हित किया है। इनमें हरियाणा के 11 और दिल्ली के 7 जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में विशेष रणनीति के तहत जांच, इलाज, जागरूकता और निगरानी को मजबूत किया जाएगा।
कार्यशाला की अध्यक्षता डॉ. राकेश गुप्ता ने की। उन्होंने कहा कि एचआईवी एड्स आज भी एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है। इसे नियंत्रित करने के लिए जिला स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को और सशक्त बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का लक्ष्य वर्ष 2027 तक एचआईवी-एड्स महामारी को नियंत्रण में घोषित करना है।
डॉ. गुप्ता ने बताया कि दिल्ली में अभी लगभग 70 प्रतिशत संक्रमित लोग ही इलाज से जुड़े हैं, जबकि हरियाणा में 81:83:95 के बेहतर उपचार आंकड़े सामने आए हैं, जो संक्रमण नियंत्रण की दिशा में सकारात्मक संकेत हैं। उन्होंने गर्भावस्था, प्रसव और स्तनपान के दौरान मां से बच्चे में संक्रमण रोकने पर भी विशेष जोर दिया।
आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में वयस्कों में एचआईवी प्रसार दर 0.33 प्रतिशत है, जिसमें करीब 59,079 संक्रमित लोगों का अनुमान है। वहीं हरियाणा में 0.24 प्रतिशत प्रसार के साथ लगभग 59,642 संक्रमित लोगों का अनुमान लगाया गया है। इन आंकड़ों को देखते हुए सरकार अब जिला स्तर पर रणनीति बनाकर इस चुनौती से निपटने की दिशा में काम कर रही है।
कार्यशाला में शामिल जिला स्तरीय टीमें अपने-अपने क्षेत्रों की चुनौतियों और कार्य योजनाओं पर मंथन कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जांच, उपचार और जागरूकता अभियानों को इसी तरह मजबूत किया गया, तो 2027 तक एचआईवी-एड्स पर नियंत्रण का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।



